सिवनी जिले में पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने भोमा कटिया स्थित शासकीय जैविक कृषि प्रक्षेत्र का दौरा कर पौधरोपण किया और किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने की अपील की।
भोमा कटिया के जैविक कृषि प्रक्षेत्र का किया भ्रमण
सिवनी जिले के भोमा कटिया स्थित शासकीय जैविक कृषि प्रक्षेत्र में शुक्रवार को कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने विभिन्न कृषि गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के संवर्धन का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल स्रोतों की रक्षा, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करने की सामूहिक पहल है।
बीज उत्पादन कार्यक्रम की प्रगति का लिया जायजा
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने कृषि विभाग द्वारा संचालित गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन कार्यक्रम का अवलोकन किया। अधिकारियों से उन्होंने कार्यक्रम की कार्यप्रणाली, प्रगति और किसानों को दिए जा रहे तकनीकी मार्गदर्शन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले बीज और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ जिले की कृषि को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
किसानों से किया संवाद, प्राकृतिक खेती पर दिया जोर
कलेक्टर ने उपस्थित किसानों से चर्चा करते हुए प्राकृतिक और जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती को अपनाना चाहिए।
उन्होंने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होता है और खेती की लागत भी कम होती है, जिससे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
वर्मी कम्पोस्ट इकाई का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रक्षेत्र में संचालित वर्मी कम्पोस्ट इकाई का भी अवलोकन किया। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली और किसानों को जैविक खाद के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की मजबूत नींव तैयार करता है।
अधिकारियों ने दी योजनाओं की जानकारी
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कलेक्टर को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे।
मुख्य बातें (Highlights)
- कलेक्टर नेहा मीना ने भोमा कटिया के जैविक कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया।
- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पौधरोपण किया।
- बीज उत्पादन कार्यक्रम और कृषि गतिविधियों की समीक्षा की।
- किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
- वर्मी कम्पोस्ट इकाई का निरीक्षण कर जैविक खाद के उपयोग पर जोर दिया।
- सीईओ जिला पंचायत अंजली शाह सहित कृषि विभाग के अधिकारी और किसान रहे उपस्थित।
मध्य प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। जैविक कृषि प्रक्षेत्र किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक खाद और प्राकृतिक खेती की आधुनिक पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्राकृतिक और जैविक खेती को लेकर प्रशासन की सक्रियता किसानों को कम लागत वाली, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित कर सकती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के साथ कृषि उत्पादन को दीर्घकालिक रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
भोमा कटिया के जैविक कृषि प्रक्षेत्र का कलेक्टर नेहा मीना का दौरा पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पौधरोपण, बीज उत्पादन और जैविक खेती पर दिया गया जोर जिले में टिकाऊ कृषि मॉडल को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम है।


