Pench Tiger Reserve News: 1 जुलाई से बंद होगा पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया, मानसून में 3 महीने रहेगा प्रतिबंध, बफर में जारी रहेगी सफारी
सिवनी। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve) में घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए अहम खबर है। 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। मंगलवार (30 जून) को कोर क्षेत्र में सफारी का अंतिम दिन होगा। इसके बाद पूरे मानसून सीजन के दौरान केवल बफर क्षेत्र में निर्धारित मार्गों पर पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी।
वन विभाग के अनुसार हर वर्ष बारिश के मौसम में वन्यजीवों के प्रजनन, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और जंगलों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कोर एरिया को तीन महीने के लिए बंद किया जाता है।
मानसून में वन्यजीवों की सुरक्षा रहेगी प्राथमिकता
पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मानसून सत्र के लिए व्यापक सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरान जंगल में वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा।
वन विभाग के अधिकारी लगातार गश्त करेंगे, वहीं सीमावर्ती जंगलों में कोर और बफर क्षेत्र का वन अमला संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करेगा ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
दुर्गम इलाकों में हाथियों से होगी पेट्रोलिंग
मानसून के दौरान कई वन क्षेत्र वाहन से पहुंचने योग्य नहीं रहते। ऐसे में दुर्गम इलाकों में हाथियों की सहायता से पेट्रोलिंग की जाएगी। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने की रणनीति बनाई गई है।
वन अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी।
150 कैमरा ट्रैप रखेंगे जंगल पर नजर
इस बार वन विभाग आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग करेगा। रिजर्व के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर करीब 150 कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की मदद से बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
हाल ही में इन्हीं कैमरा ट्रैप की सहायता से गोरखपुर वन क्षेत्र में मिले बाघ के शावक का सफल रेस्क्यू किया गया था। वहीं बरघाट परियोजना क्षेत्र के मऊ जंगल में महिला पर हुए बाघ के हमले के बाद संबंधित बाघ की निगरानी भी कैमरा ट्रैप के जरिए लगातार की जा रही है।
पर्यटन से रिकॉर्ड राजस्व, लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या
पर्यटन के लिहाज से भी पेंच टाइगर रिजर्व का बीता सत्र बेहद सफल रहा। पिछले पर्यटन सीजन में 1.80 लाख से अधिक पर्यटक पेंच पहुंचे थे, जिससे 7.72 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
वहीं इस वर्ष मई 2026 तक ही लगभग 1.90 लाख पर्यटक पेंच टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर चुके हैं और 10.55 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित हो चुका है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले पर्यटन सत्र में यह आंकड़ा नया रिकॉर्ड बना सकता है।
बफर क्षेत्र में जारी रहेगी सफारी
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत गोयल ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कोर एरिया पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि पर्यटक इस दौरान बफर क्षेत्र में निर्धारित मार्गों पर जंगल सफारी का आनंद पहले की तरह ले सकेंगे।
उन्होंने बताया कि मानसून समाप्त होने के बाद मौसम अनुकूल होने पर 1 अक्टूबर से कोर एरिया दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
मुख्य बातें (Highlights)
- 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया रहेगा बंद।
- मानसून में केवल बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां जारी रहें-गी।
- वन्यजीवों के प्रजनन और जंगल संरक्षण के लिए हर वर्ष लिया जाता है निर्णय।
- दुर्गम इलाकों में हाथियों से होगी पेट्रोलिंग।
- करीब 150 कैमरा ट्रैप से होगी बाघों और अन्य वन्यजीवों की निगरानी।
- इस वर्ष मई तक 1.90 लाख पर्यटक पहुंचे, 10.55 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला।


