सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में आईपीएल सट्टेबाजी पर पुलिस ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लेते हुए एक सटोरी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई ने ऑनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एंड्रॉइड मोबाइल और नकदी जब्त की है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई का आधार
जानकारी के अनुसार, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे, सिवनी क्षेत्र में एक व्यक्ति आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी।
घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, जहां एक युवक मोबाइल पर आईपीएल मैच देखते हुए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रहा था। पुलिस को देखते ही वह मोबाइल छुपाने लगा, लेकिन पुलिस की तत्परता के चलते उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
आरोपी की पहचान और सट्टा नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शुभम पटेल (उम्र 29 वर्ष) निवासी अकबर वार्ड, बारापत्थर, सिवनी बताया। आरोपी ने कबूल किया कि वह डूण्डासिवनी निवासी प्रफुल्ल यादव के लिए कमीशन पर काम करता था और व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी आईपीएल के दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेले जा रहे मैच पर दांव लगवा रहा था।
मोबाइल और नकदी जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से
- एक वनप्लस कंपनी का एंड्रॉइड मोबाइल (कीमत लगभग ₹20,000)
- ₹5100 नकद
जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुआ-सट्टा संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
इस मामले में मुख्य संचालक बताए जा रहे प्रफुल्ल यादव निवासी टैगोर वार्ड, डूण्डासिवनी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देशन में की गई। साथ ही एडिशनल एसपी दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस का कहना है कि जिले में जुआ-सट्टा और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

