Seoni News: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में स्थित सिवनी-बालाघाट रोड एक बार फिर खूनी साबित हुई। बरघाट क्षेत्र के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। चलती बाइक पर चावल से लदा ट्रक पलटने से पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया।
यह दर्दनाक घटना धारनाकला के पास जेवनारा और पौनार के बीच हिररी नदी के समीप दोपहर लगभग 3 बजे की बताई जा रही है।
शादी से लौटते समय काल बन गया रास्ता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनमखारी गांव निवासी दीपचंद चौहान अपनी पत्नी दुर्गा के साथ बरघाट से एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। दोनों बाइक पर सवार थे, तभी अचानक चावल से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर उनकी बाइक के ऊपर पलट गया।
हादसा इतना भयानक था कि:
- दोनों पति-पत्नी ट्रक के नीचे दब गए
- मौके पर ही दोनों की मौत हो गई
- बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई
- मृतक के शरीर के अंग तक क्षत-विक्षत हो गए
स्थानीय लोगों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चावल की बोरियां हटाकर शवों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सिवनी-बालाघाट रोड: मौत का रास्ता बन चुकी सड़क
यह कोई पहली घटना नहीं है। सिवनी-बालाघाट रोड पर आए दिन हो रहे हादसों ने इसे “खूनी सड़क” बना दिया है।
- सैकड़ों परिवार इस सड़क की बदहाली के कारण अपनों को खो चुके हैं
- कई बार स्थानीय लोगों ने आंदोलन और सत्याग्रह किए
- व्यापारियों ने दुकानें बंद कर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे
इसके बावजूद सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है, और हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
दो साल पहले की घोषणा अब तक अधूरी
प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रक्षा बंधन के अवसर पर इस सड़क को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी। लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नजर नहीं आया।
इससे जनता में भारी नाराजगी है और सवाल उठ रहे हैं कि:
👉 क्या घोषणाएं सिर्फ मंच तक ही सीमित रह जाएंगी?
👉 आखिर कब तक लोग इस सड़क पर यूं ही जान गंवाते रहेंगे?
व्यक्तिगत त्रासदी: पीछे छूट गया टूटा हुआ परिवार
बताया जा रहा है कि दीपचंद चौहान की दो पत्नियां थीं। वह शादी समारोह में दोनों के साथ गए थे, लेकिन लौटते समय अपनी छोटी पत्नी दुर्गा के साथ वापस आ रहे थे। किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
कब रुकेगा मौत का सिलसिला?
यह हादसा एक बार फिर प्रशासन और सरकार के लिए चेतावनी है। यदि जल्द ही सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह “खूनी सड़क” और कितनी जानें लेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

