सिवनी में FSSAI की जांच या खुला फर्जीवाड़ा? FSO महेंद्र परते के सामने निजी ड्राइवर शशि शंकर सनोडिया ने पैक किए खाद्य सैंपल, VIRAL VIDEO से मचा प्रशासन में भूचाल!

FSSAI inspection or blatant fraud in Seoni? Private driver Shashi Shankar Sanodia packed food samples in front of FSO Mahendra Parte; the viral video has caused an uproar in the administration!

SHUBHAM SHARMA
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Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena...
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Highlights
  • FSSAI की कार्रवाई या नियमों की धज्जियां?
  • लखनादौन में खाद्य सुरक्षा जांच बनी मज़ाक
  • निजी ड्राइवर करता रहा सैंपल पैकिंग और अधिकारी देखते रहे तमाशा

सिवनी: सिवनी जिले की लखनादौन तहसील से सामने आया एक वायरल वीडियो इस वक्त पूरे जिले में सनसनी का कारण बना हुआ है। गणेशगंज स्थित गुप्ता ढाबा में हुई खाद्य सुरक्षा जांच का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खाद्य पदार्थों के सैंपल पैक करने की जिम्मेदारी किसी अधिकृत कर्मचारी के बजाय खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) महेंद्र कुमार परते के निजी वाहन चालक शशि शंकर सनोडिया निभा रहा है, और यह सब अधिकारी की मौजूदगी में हो रहा है।

इस घटना ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक ईमानदारी पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या FSSAI की जांच अब कानून के दायरे में नहीं, बल्कि “निजी सुविधा” के आधार पर चल रही है?

नियम क्या कहते हैं, और यहाँ क्या हुआ?

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38(1) एवं 38(2) के अनुसार:

  • खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
  • खाद्य सैंपल लेना
  • सैंपल को सील करना
  • पैकिंग व लेबलिंग करना

ये सभी कार्य केवल अधिकृत खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) या उनके प्रशिक्षित विभागीय कर्मचारियों द्वारा ही किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, Food Safety and Standards Rules, 2011 में भी यह स्पष्ट किया गया है कि सैंपलिंग प्रक्रिया किसी भी परिस्थिति में किसी अनधिकृत व्यक्ति से नहीं करवाई जा सकती।

लेकिन लखनादौन के इस वायरल वीडियो में जो दिखाई दे रहा है, वह इन सभी नियमों के ठीक विपरीत है। वीडियो के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एक निजी व्यक्ति, यानी FSO के निजी चालक शशि शंकर सनोडिया द्वारा की जा रही है।

सवालों के घेरे में पूरी कार्रवाई

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब सैंपलिंग की प्रक्रिया ही नियमों के खिलाफ हो, तो उस पर आधारित कोई भी रिपोर्ट या कार्रवाई कितनी विश्वसनीय मानी जाएगी?

लोगों के मन में कई गंभीर आशंकाएं जन्म ले रही हैं:

  • क्या सैंपल प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है?
  • क्या ढाबा संचालकों पर अनावश्यक दबाव बनाने के लिए ऐसा किया गया?
  • या फिर किसी “सेटिंग” के तहत पूरी प्रक्रिया को मनचाहे ढंग से मोड़ा गया?

यही वजह है कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि संभावित प्रशासनिक संरक्षण में हुए नियम उल्लंघन का बनता जा रहा है।

वायरल वीडियो बना सबसे बड़ा सबूत

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस पूरे मामले का सबसे ठोस प्रमाण बन चुका है। आम लोग खुलकर सवाल कर रहे हैं:

  • क्या FSO को कानून और नियमों की जानकारी नहीं थी?
  • या फिर जानबूझकर एक निजी व्यक्ति से सरकारी कार्य करवाया गया?
  • अगर यह सब नियमों के तहत था, तो वीडियो वायरल होने के बाद अब तक कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई क्यों नहीं?

चुप्पी अब विभाग की सबसे बड़ी कमजोरी बनती जा रही है।

जनस्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़

खाद्य सुरक्षा कोई साधारण औपचारिकता नहीं, बल्कि सीधे-सीधे आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। यदि सैंपलिंग प्रक्रिया में ही गड़बड़ी हो जाए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं:

  • मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थ कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं
  • निर्दोष व्यापारियों को झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है

दोनों ही स्थितियां समाज और प्रशासन, दोनों के लिए बेहद खतरनाक हैं।

कानून की नजर में क्या होगा?

यदि यह सिद्ध होता है कि सैंपल प्रक्रिया नियमों के विपरीत की गई है, तो धारा 42 के अंतर्गत पूरी जांच प्रक्रिया और उस पर आधारित कार्रवाई को न्यायालय में अमान्य भी ठहराया जा सकता है। यानी पूरा केस कानूनी रूप से कमजोर हो जाएगा।

अब जिला प्रशासन की अग्निपरीक्षा

अब सबसे बड़ा सवाल यही है:

  • क्या जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा?
  • क्या जिम्मेदार FSO और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
  • या फिर इसे “तकनीकी गलती” बताकर दबा दिया जाएगा?

अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला सिवनी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर एक स्थायी कलंक बन सकता है।

क्या कहते है FSO महेंद्र कुमार परते

वायरल वीडियो के मामले में जब FSO महेंद्र कुमार परते से खबर सत्ता द्वारा बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे निजी वाहन चालाक द्वारा सिर्फ मेरी मदद की गई थी, सभी प्रकार के ऑफिसियल कार्य मेरे द्वारा ही किए जाते है, मेरे वहान चालक द्वारा साथ में रहने पर कभी कभी मदद कर दी जाती है. हमारा विभाग पिछले कई वर्षों से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है जिसकी जानकारी हमारे द्वारा लगातार ही वरिश अधिकारीयों को दी जाती रही है किन्तु अभी तक स्टाफ की कोई व्यवस्था नहीं हुई है जिसकी वजह से हमें मदद लेनी पड़ती है.

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Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.
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