सिवनी। शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर अब सख्ती तय है। हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध में फरार चल रहे दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि अपराधियों के मन में खौफ भी पैदा करती है।
पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिले में अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हीं के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री सचिन परते के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
क्या है पूरा मामला?
दिनांक 01/01/2026 को प्रार्थी राहुल कश्यप, निवासी दादू मोहल्ला, संजय वार्ड सिवनी ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मठ मंदिर के पीछे खुले मैदान में हल्ला करने की बात को लेकर आजाद वार्ड सिवनी निवासी मोनू दुबे और मुन्ना कश्यप से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आरोपियों ने राहुल कश्यप पर धारदार चाकू से जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया।
हमले में राहुल कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने तत्काल हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की और फरार आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित की गई।
ड्रीमलैंड सिटी के पास से हुई गिरफ्तारी
लगातार पतासाजी और मुखबिरों की सूचना पर दिनांक 28 जनवरी 2026 को कोतवाली पुलिस ने ड्रीमलैंड सिटी के पास से दोनों फरार आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल सिवनी भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- निलेश कश्यप उर्फ मुन्ना, पिता प्रेमलाल, उम्र 34 वर्ष, निवासी आजाद वार्ड, सिवनी
- निलेश दुबे उर्फ मोनू, पिता स्वदेश दुबे, उम्र 26 वर्ष, निवासी आजाद वार्ड, सिवनी
🔪 जप्ती सामग्री
- 01 धारदार चाकू, जिससे हमला किया गया था
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी, सउनि प्रमोद मालवी, प्र.आर. मनोज पाल, नवीन तिवारी, आर. सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दुबे, प्रतीक बघेल, तथा चालक आर. इरफान की विशेष भूमिका रही।
पुलिस टीम की सजगता और तेज़ कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सिवनी में अपराध करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
शहर में फैली चर्चा
क्रिकेट के मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला जानलेवा हमले तक पहुंच गया। इस घटना ने युवाओं में बढ़ती आक्रामकता और कानून के प्रति लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।

