सिवनी: नगर के प्रमुख जलस्रोत बबरिया तालाब को लेकर नगरपालिका परिषद सिवनी ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। लगातार घटते जलस्तर और बीते वर्ष ग्रीष्म ऋतु में उत्पन्न हुए गंभीर जल संकट को देखते हुए अब तालाब से मोटर लगाकर पानी लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला सीधे तौर पर किसानों और आम नागरिकों से जुड़ा है।
नगरपालिका द्वारा जारी अपील में स्पष्ट किया गया है कि बबरिया तालाब नगरपालिका की संपत्ति है और इसका प्राथमिक उद्देश्य पेयजल आपूर्ति है, न कि फसल सिंचाई। बावजूद इसके कुछ किसानों द्वारा मोटर लगाकर लगातार पानी निकाले जाने से तालाब का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरे शहर के लिए खतरे की घंटी बन सकता है।
पिछले अनुभव से लिया गया सबक
नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में जलस्तर अत्यधिक गिर जाने के कारण नगर में पेयजल संकट जैसी स्थिति बन गई थी। कई वार्डों में पानी की आपूर्ति बाधित रही और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया है।
अब नहीं चलेगी मनमानी
नगरपालिका ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी किसान या व्यक्ति बबरिया तालाब में अवैध रूप से मोटर लगाकर पानी लेते हुए पाया गया, तो उसकी मोटर तत्काल जब्त की जाएगी और संबंधित व्यक्ति पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की स्वयं की होगी।
जनहित में सहयोग की अपील
नगरपालिका परिषद ने किसानों और नगरवासियों से अपील की है कि वे इस निर्णय को सहयोग की भावना से स्वीकार करें और जल संरक्षण में सहभागी बनें। तालाब का पानी सुरक्षित रहेगा तभी आने वाली भीषण गर्मी में शहर को पर्याप्त पेयजल मिल सकेगा।
जल है तो कल है
बबरिया तालाब केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि पूरे नगर की जीवनरेखा है। आज यदि इसे बचाया गया, तभी कल प्यासे शहर से बचा जा सकेगा। नगरपालिका का यह कदम भविष्य की जरूरतों को देखते हुए उठाया गया एक जरूरी और साहसिक निर्णय माना जा रहा है।

