कोरोना के चार हजार वेरियंट का सामना कर रही दुनिया, ब्रिटिश मंत्री के बयान से हड़कंप, वैक्‍सीन कंपनियों ने लिया यह फैसला

Date:

लंदन। ब्रिटेन के एक मंत्री ने गुरुवार को बताया कि दुनिया कोरोना वायरस के करीब चार हजार वेरियंट का सामना कर रही है। इससे मुकाबले के लिए वैक्सीन निर्माता कंपनियां अपने टीकों को बेहतर करने के लिए रिसर्च में जुट गई हैं। कोरोना के ब्रिटिश, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीकी समेत करीब चार हजार वेरियंट बताए जा रहे हैं। इनमें से कई ज्यादा संक्रामक हैं। ब्रिटेन में गत दिसंबर में कोरोना का नया वेरियंट मिला था। यह विश्व के 80 से ज्यादा देशों में दस्तक दे चुका है।

कोरोना के चार हजार वेरियंट

ब्रिटेन के वैक्सीन मामलों के मंत्री नदीम जहावी ने कहा कि मौजूदा वैक्सीन कोरोना के नए वेरियंट में भी पूरी तरह प्रभावी हैं। इसको लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वैक्सीन के सभी उत्पादक टीकों को और प्रभावी बनाने के काम में जुट गए हैं। विश्व में कोरोना के करीब चार हजार वेरियंट हैं।

फ्रांस और रूस में संक्रमण पर नहीं लग रही लगाम

वहीं, फ्रांस में बीते 24 घंटे में 26 हजार 362 नए संक्रमितों के मिलने से कोरोना के मामले बढ़कर 32 लाख 51 हजार से ज्यादा हो गए। फ्रांस में कोरोना से कुल 77 हजार लोगों की मौत हुई है। रूस में भी मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। रूस में 16,714 नए संक्रमित पाए जाने से पीड़ितों का आंकड़ा 39 लाख 17 हजार हो गया है। इस देश में कुल 75 हजार 205 की जान गई है।

वैक्सीन को लेकर सीरम और यूनिसेफ में करार

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और यूनिसेफ के बीच कोरोना वैक्सीन की दीर्घकालीन आपूर्ति को लेकर एक करार हुआ है। यूएन की इस संस्था ने कहा है कि तकरीबन 100 देशों में आपूर्ति के लिए उसे वैक्सीन की 1.1 अरब खुराक की दरकार है। यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनेरिटा फोरे ने करार की घोषणा करते हुए कहा, ‘हमें वैक्सीन की दीर्घकालीन आपूर्ति को लेकर हुए समझौते की घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है।’

चीन की लैब में कोरोना बनने के अभी कोई सबूत नही

वहीं, समाचार एजेंसी एपी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना वायरस फैलने के मूल स्थान की जांच करने में लगी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। टीम फिलहाल चीन के सहयोग से संतुष्ट है। इसके साथ ही टीम के एक सदस्य ने कहा है कि गहनता से जांच करने के लिए चमगादड़ों के स्थानों पर भी जांच करना जरूरी है। वायरस के लैब में बनने के अभी कोई सबूत नहीं हैं।

चीन कर रहा सहयोग

टीम के एक सदस्य और जंतु विज्ञानी पीटर दस्जक ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि वुहान के वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के उपनिदेशक शी झेंगली से कोविड- 19 के साथ ही 2003 में फैले सार्स के मूल स्थान के बारे में भी जानकारी ली गई है। इस संस्थान के अन्य वैज्ञानिकों के साथ भी बैठक की गई है। चीन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।

चमगादड़ के स्थानों पर हो जांच

दस्जक ने कहा है कि वायरस के उत्पत्ति की जांच के लिए यह आवश्यक है कि चमगादड़ के स्थानों पर वायरस के तत्वों की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि अभी यह पता नहीं चला है कि वायरस कहां से पैदा हुआ, लेकिन ऐसा कोई सबूत अब तक नहीं मिला है कि जिससे यह पता चले कि इसे लैब में तैयार किया गया है। इससे पहले दस्जक ने कहा था कि पूरा विश्व इस खबर का इंतजार कर रहा है। हम भी किसी परिणाम पर पहुंचने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

Khabar Satta
Khabar Sattahttps://khabarsatta.com
खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related