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सिवनी जिले में शोपीस के लिए बनाया गया सामुदायिक स्वच्छता परिसर, जिसमें गंदगी से अधिक कुछ नहीं

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सिवनी (एस. शुक्ला): सिवनी जिले के ग्राम धारनाकला बस स्टेंड जनपद सभा सिवनी की भूमि पर बना स्वच्छता परिसर शोपीस बनकर रह गया है जिसका उपयोग आज तक नही हो पाया है. इससे अन्दाजा लगाया जा सकता है की शासन की राशि का किस तरह दुरूपयोग हो रहा है.किन्तु इस दिशा मे ध्यान देने की आवश्यकता कोई नही समझ रहा है.

उल्लेखनीय है की जनता जनार्दन की और खासकर यात्रियों की सुविधा को ध्यान मे रखते हुऐ धारनाकला में सिवनी बालाघाट रोड पर जनपद सभा सिवनी के नाम पर राजस्व रिकार्ड मे दर्ज भूमि पर सामुदायिक स्वच्छता परिसर तो बना दिया गया किन्तु इस स्वच्छता परिसर की शुरूआत करना जवाबदार भूल गये है.

यही कारण है परिसर को बने एक वर्ष से भी ज्यादा समय बीतने के बाद भी इसकी शुरूआत नही हो पाई है और इसके चारो तरफ गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है और शासन द्वारा लाखो रूपये से निर्मित कराये गये स्वच्छता परिसर का एक वर्ष से ज्यादा समय बीतने के बाद भी शुरूआत तो दूर उद्घाटन तक नही हो पाया है और यह स्वच्छता परिसर ही गन्दगी के रूप मे तब्दील हो गया है.

जनपद पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी विभाग बरघाट की दोहरी भूमिका

यहां यह भी उल्लेखनीय है की जनपद सभा सिवनी की दर्ज भूमि पर ही बिना अनुमति के स्वच्छता परिसर एवं पानी टंकी का निर्माण हो गया तथा करोड़ों रूपये के कार्य इसी भूमि पर हो गये.

किन्तु जनपद सभा सिवनी के नाम पर राजस्व रिकार्ड मे दर्ज भूमि को सुरक्षित करने के उद्देश्य से जब वर्तमान सरपंच द्वारा मिट्टी मुरम की रोड बनाते हुऐ सीमेंट कांक्रीट रोड के निर्माण के लिये ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के एस.डी.ओ. के पास रोड की कार्यवाई भेजी तो सरपंच को जनपद सभा सिवनी से अनुमति पत्र लाने के लिये कह दिया गया.

जबकि इन्ही के कार्यकाल मे लगभग आठ लाख रूपये की लागत से पूर्व सरपंच के द्वारा स्वच्छता परिसर का निर्माण कराया गया है उस समय ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को जनपद सभा सिवनी से अनुमति लेने की आवश्यकता क्यो महसूस नही हुई समझ से परे है इससे यह कहना भी गलत नही होगा की शासकीय जमीन को सुरक्षित न करने मे जनपद पंचायत बरघाट के आला अधिकारी ही रोडा बनकर खडे है.

फैली है चारो तरफ गंदगी

यहा यह बताना भी लाजिमी है एक तरफ स्वच्छता के नाम पर लाखो रूपये खर्च का ब्योरा दिया जाता है वही दूसरी तरफ जनता की सुविधा के लिये निर्मित स्वच्छता परिसर के आस पास ही स्वच्छता नदारद है और चारो तरफ गंदगी फैली हुई है वही स्वच्छता परिसर शोपीस बनकर गन्दगी को बढावा दे रहा है इससे यही कहा जा सकता है शासन की राशि का दुरूपयोग किस तरह होता है धारनाकना मे देखा जा सकता है

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