सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में साइबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने बैंक खातों का दुरुपयोग कर करीब 10 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों को बेचकर अवैध आर्थिक लाभ कमा रहे थे। इस संगठित साइबर अपराध में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर अपराधियों को “म्यूल अकाउंट” (खच्चर खाता) उपलब्ध कराते थे।
शिकायत के बाद खुला साइबर धोखाधड़ी का मामला
जानकारी के अनुसार 5 अप्रैल 2026 को कटंगी नाका सिवनी निवासी आयुष मर्सकोले ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आशीष ब्रम्हे और दिनेश बोमचेर ने बैंक खाता होल्ड होने की बात कहकर उसे भरोसे में लिया और उसके बैंक खाते का दुरुपयोग किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अन्य साइबर अपराधियों के साथ मिलकर उस खाते के माध्यम से करीब 10 लाख रुपये का अवैध लेनदेन किया। यह पूरा नेटवर्क साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 318(2) और 112(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
तलाश के बाद दोनों आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार पतासाजी और संभावित ठिकानों पर दबिश के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- आशीष पिता रमेश ब्रम्हे (35 वर्ष)
निवासी – मुण्डीमाई मोहल्ला, भरवेली थाना भरवेली, जिला बालाघाट - दिनेश बोमचेर पिता नारायण बोमचेर (33 वर्ष)
निवासी – ग्राम टुरिया, थाना कुरई, जिला सिवनी
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और संगठित साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट (खच्चर खाता)?
साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसमें अपराधी किसी व्यक्ति के बैंक खाते को किराए पर या पैसे देकर लेते हैं और उसी खाते के माध्यम से ठगी की रकम ट्रांसफर करते हैं। इससे असली अपराधी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में शामिल लोग भी कानूनन समान रूप से दोषी माने जाते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने दिए कड़े निर्देश
पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को साइबर अपराधों के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इस कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और सीएसपी सचिन परते के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।
इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में कोतवाली थाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में मुख्य रूप से—
- थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी
- उप निरीक्षक राहुल काकोडिया
- सहायक उप निरीक्षक जसवंत ठाकुर
- प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने
- आरक्षक सिद्धार्थ दुबे
- सतीश इनवाती
- प्रतीक बघेल
की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस की अपील: बैंक खाता किसी को न दें
सिवनी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने का लालच देता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

