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सिवनी: शोभा की सुपारी बने BSNL टावर, क्योंकि यह सरकारी है! भारत में सरकारी चीजों का यही होता है हाल?

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सिवनी, बरघाट: बीएसएनएल, जो कि सौ प्रतिशत भारत सरकार के स्वामित्व वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, आज अपनी दुर्दशा के कारण चर्चा में है। ग्रामीण अंचलों में लगे बीएसएनएल टावर अब केवल शोभा की सुपारी बनकर रह गए हैं। टावर की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है और न ही यहां कोई कर्मचारी तैनात है जिससे नेटवर्क की समस्याओं के संबंध में शिकायत की जा सके।

फोन क्रांति और बीएसएनएल की स्थिति

जब पूरे देश में फोन क्रांति फैली हुई है, तब बीएसएनएल की धीमी शुरुआत और 3जी, 4जी इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी ने कंपनी को महत्वपूर्ण नुकसान में डाल दिया है। बीएसएनएल का नेटवर्क 4जी तक ही सीमित है जबकि इसकी प्रतिस्पर्धा 5जी नेटवर्क पर चल रही है। बरघाट क्षेत्र में तो 4जी का लाभ दूर, 2जी और 3जी सेवा भी उपभोक्ता को नहीं मिल पा रही है। टावर में तैनात कर्मचारियों की अनुपस्थिति की वजह से नेटवर्क संबंधित शिकायतें भी नहीं हो पा रही हैं।

निजी कंपनियों के रिचार्ज प्लान में वृद्धि

इसी माह से निजी कंपनियों के रिचार्ज प्लान में वृद्धि हुई है, जिससे फोन उपभोक्ता का मोह भंग होता दिखाई दे रहा है और उनका रुझान तेजी से बीएसएनएल की ओर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। लेकिन बीएसएनएल के आला अधिकारियों की उदासीनता के कारण दर्जनों बार शिकायत करने के बाद भी धारनाकला और आष्टा में मृत पड़े टावरों की ओर ध्यान नहीं जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होने लगा है कि बीएसएनएल को डुबाने में संबंधित अधिकारी ही विशेष भूमिका निभा रहे हैं और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

उपभोक्ताओं की समस्याएं और निराशा

निजी कंपनियों के महंगे रिचार्ज प्लान के कारण आम उपभोक्ता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। मोबाइल फोन आज की आवश्यकता बन गया है और पारिवारिक दस्तावेजों में भी मोबाइल नंबर दर्ज हैं, जिसे आम उपभोक्ता बीएसएनएल से जुड़कर जीवित रखना चाहता है। लेकिन बीएसएनएल की कमजोर सेवाएं और खराब नेटवर्क के कारण उपभोक्ता निराश हो रहे हैं।

बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार की आवश्यकता

बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टावरों की स्थिति में सुधार लाना और उन्हें सक्रिय करना प्राथमिकता होनी चाहिए। नेटवर्क संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए कर्मचारियों की तैनाती और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण होती है। बीएसएनएल जैसे उपक्रमों को मजबूत और सक्षम बनाने के लिए सरकार और अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा। बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार लाने के लिए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का उपयोग करना होगा ताकि यह निजी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सके।

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