सिवनी 24 जुलाई 18/ फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्णं प्रक्रिया है जो कि वर्ष में दो बार खरीफ एवं रबी सीजन की बुवाई के पश्चात् की जाती है एवं भू-अभिलेखों में दर्ज की जाती है प्रचलित पद्धति में कई बार जानकारी समय में अद्यतन नहीं होने या गलत हो जाने पर कई बार कृषक उन्हें प्राप्त होने वाले लाभों से वंचित रह जाते हैं, इन्हीं बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए फसल गिरदावरी संबंधी एप्लीकेशन का विकास मैप आई.टी. के सहयोग से राजस्व विभाग द्वारा किया गया है इस एप को मोबाईल फोन में उपलोड कर लोकेशन ऑन करना पड़ेगा जिसके बाद इसमें ऑनलाईन जानकारी अपलोड होगी।
जैसे ही जानकारी सर्वर पर अपलोड होगी, संबंधित कृषक को उसे मोबाईल नंबर पर उससे संबंधित खसरों में फसल गिरदावरी के अंतर्गत दर्ज की गई जानकारी जिसमें बोवाई के अतिरिक्त वृक्षारोपण मकान या अन्य निर्माण आदि से संबंधित विवरण एसएमएस के माध्यम से भेजी जायेगी जिसमें एक ओटीपी भी होगा जब पटवारी द्वारा यह ओटीपी एप में डाला जायेगा तभी जानकारी को अंतिम माना जायेगा।
इस एप को मोबाईल फोन में अपलोड कर लोकेशन ऑन करनी पड़ेगी जिसके बाद इसमें ऑनलाईन जानकारी अपलोड होगी जिससे की राजस्व विभाग के पास सटीक जानकारी दर्ज होगी।
फसल गिरदावरी के निर्देश

Leave a Comment