मंडला। डिजिटल कॉमर्स और स्थानीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में पिनकोडकार्ट और पिनकोडडाक ने 11 जनवरी 2026 को देशभर में एक साथ 600 से अधिक सिटी हब्स पर भव्य, समुदाय-आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के मंडला जिले में भी सिटी हब इवेंट का सफल आयोजन हुआ, जिसने स्थानीय युवाओं, डिलीवरी पार्टनर्स और छोटे व्यापारियों में नई ऊर्जा और उम्मीद जगा दी।
मंडला में यह कार्यक्रम कमला पेरिस मैरिज लॉन, जबलपुर रोड, मंडला में दिनांक – 11 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया। इस सिटी हब इवेंट के Owner – कमलेश पाल और Manager – वेद प्रकाश पद्माकर उपस्थित रहे, जिनके कुशल नेतृत्व में यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, डिलीवरी पार्टनर्स, युवा उद्यमी और डिजिटल कॉमर्स से जुड़ने के इच्छुक लोग शामिल हुए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें “माइक्रो-उद्यमी” के रूप में आगे बढ़ने का अवसर देना था।
गिग वर्क से आगे, स्थायी आय की ओर कदम
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि डिलीवरी पार्टनर्स और स्थानीय युवाओं को केवल गिग वर्क तक सीमित न रखकर, उन्हें स्थायी और सम्मानजनक आय के मॉडल से जोड़ा जाए। पिनकोडकार्ट ने बताया कि कैसे लोग टेक्नोलॉजी-सक्षम कॉमर्स के जरिए अपने ही क्षेत्र में कमाई के नए अवसर बना सकते हैं।
यह आयोजन 17 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली पिनकोडकार्ट की ग्रैंड सेल से पहले एक प्री-लॉन्च एंगेजमेंट के रूप में भी आयोजित किया गया था, ताकि वर्चुअल दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों को पहले से इस डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ा जा सके।
“वर्चुअल दुकानदार” मॉडल ने खींचा सबका ध्यान
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू रहा “वर्चुअल दुकानदार” का कॉन्सेप्ट। यह ऐसे स्थानीय पार्टनर होते हैं जो बिना किसी स्टॉक या इन्वेंट्री के जोखिम के अपना डिजिटल स्टोर संचालित कर सकते हैं।
फिक्स्ड डिलीवरी भुगतान के बजाय इन्हें रिटेल मार्जिन के माध्यम से कमाई का अवसर मिलता है।
यह मॉडल न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि लोगों को अपने ही इलाके में उद्यमिता का अनुभव भी देता है। इससे डिलीवरी पार्टनर्स साधारण कामगार से आगे बढ़कर बिजनेस पार्टनर बन सकते हैं।
19,000+ पिनकोड्स तक पहुंच का अवसर
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कैसे स्थानीय निर्माता और विक्रेता पिनकोडकार्ट से जुड़कर अपने उत्पादों की पहुंच देश के 19,000+ पिनकोड्स तक बढ़ा सकते हैं।
सिटी हब और मिनी हब मॉडल के माध्यम से हाइपरलोकल कॉमर्स को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर विस्तार से चर्चा की गई।
संस्थापक नरेश सैनी का बड़ा बयान
इस मौके पर पिनकोडकार्ट और पिनकोडडाक के संस्थापक नरेश सैनी ने कहा –
“यह सिटी हब कार्यक्रम हमारे उस विज़न को दर्शाता है, जिसमें कॉमर्स सिर्फ तेज़ डिलीवरी तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है – टिकाऊ आय, काम की गरिमा और हर पिनकोड पर लोगों के लिए दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना।”
उनके अनुसार, यह पहल भारत में एक ऐसे डिजिटल रिटेल मॉडल की नींव रख रही है, जहां स्थानीय समुदाय ही असली ताकत होंगे।
मंडला बना डिजिटल बदलाव का साक्षी
मंडला में आयोजित इस सिटी हब इवेंट ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहर भी डिजिटल कॉमर्स की बड़ी क्रांति का हिस्सा बन सकते हैं। 600+ स्थानों पर एक साथ हुए इस आयोजन ने सिटी और मिनी हब मॉडल की स्केलेबिलिटी और लोगों की बढ़ती रुचि को मजबूती से दर्शाया।
पिनकोडकार्ट आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के जरिए पिनकोड स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देता रहेगा और स्थानीय लोगों को भारत की डिजिटल रिटेल अर्थव्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनाता रहेगा।
पिनकोडकार्ट के बारे में
पिनकोडकार्ट एक हाइब्रिड कॉमर्स मार्केटप्लेस है, जो भारत के स्थानीय व्यापार को डिजिटल ताकत देने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य देश के 19,000+ पिनकोड्स में 5 लाख से अधिक रोजगार और आजीविका के अवसर तैयार करना है, खासकर टियर-2, टियर-3 और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में।
पिनकोडडाक के बारे में
पिनकोडडाक, पिनकोडकार्ट का लॉजिस्टिक्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म है, जो “पिनकोड फर्स्ट” मॉडल पर काम करता है। यह वर्चुअल दुकानदारों, सिटी हब्स, मिनी हब्स, विक्रेताओं और निर्माताओं को जोड़कर तेज़, स्मार्ट और भरोसेमंद हाइपरलोकल डिलीवरी को संभव बनाता है।

