Madhya Pradesh Electric Vehicle Policy 2025: मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ परिवहन प्रणाली को सशक्त करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 की घोषणा की है। यह नीति शहरी एवं ग्रामीण परिवहन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। इसके माध्यम से वायु प्रदूषण को कम करने, ईंधन पर निर्भरता घटाने एवं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
नीति के प्रमुख उद्देश्य
वायु प्रदूषण में कमी लाना: इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित किया जाएगा। ईंधन पर निर्भरता घटाना: पारंपरिक पेट्रोल एवं डीजल वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी। सुरक्षित और किफायती परिवहन सुनिश्चित करना: इलेक्ट्रिक वाहन रखरखाव में कम खर्चीले होते हैं एवं ईंधन लागत में बचत होती है। नवाचार और निवेश को बढ़ावा देना: सरकार ईवी स्टार्टअप्स, बैटरी निर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहित कर नौकरी के नए अवसर पैदा कर रही है।
मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 के मुख्य बिंदु
1चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
सरकार राज्यभर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क स्थापित करने हेतु सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों को सहयोग दे रही है। प्रमुख स्थानों पर तेज (फास्ट) चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे ताकि ईवी उपयोगकर्ताओं को निर्बाध सेवाएं मिल सकें।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर सब्सिडी और छूट
मध्यप्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक, कार एवं सार्वजनिक परिवहन वाहनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसके तहत:
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 30% तक की छूट।
- तिपहिया और चौपहिया वाहनों पर सब्सिडी।
- रोड टैक्स एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट।
- ईवी लोन पर ब्याज में रियायत।
सार्वजनिक परिवहन में ईवी का उपयोग
मध्यप्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता देकर शहरी परिवहन को हरित और टिकाऊ बना रही है। इसके तहत:
- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में ई-बसों का संचालन।
- सरकारी विभागों में ई-वाहनों की अनिवार्यता।
- साझा मोबिलिटी समाधान जैसे ई-रिक्शा, ई-ऑटो और ई-कैब सेवाओं को बढ़ावा।
बैटरी निर्माण एवं रिसाइकलिंग
इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों के निर्माण एवं रिसाइकलिंग हेतु स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार लिथियम-आयन बैटरी रिसाइकलिंग पर ध्यान देकर ई-वेस्ट को कम करने का प्रयास कर रही है।
इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप्स और निवेश को बढ़ावा
मध्यप्रदेश सरकार ने ईवी मैन्युफैक्चरिंग, चार्जिंग स्टेशन्स और बैटरी टेक्नोलॉजी में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहयोग योजनाएं शुरू की हैं। स्टार्टअप्स को कर लाभ, आसान लोन सुविधा और सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
ईवी नीति से संभावित लाभ
पर्यावरण संरक्षण में योगदान: इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। रोजगार के नए अवसर: ईवी मैन्युफैक्चरिंग, चार्जिंग स्टेशन निर्माण और मेंटेनेंस में हजारों नौकरियां उत्पन्न होंगी। ऊर्जा सुरक्षा में वृद्धि: ईंधन पर निर्भरता घटाकर स्थानीय ऊर्जा संसाधनों का उपयोग बढ़ेगा। कम परिचालन लागत: इलेक्ट्रिक वाहनों में पेट्रोल-डीजल की तुलना में ईंधन खर्च 70% तक कम होगा।
मध्यप्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 राज्य में स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। सरकार नागरिकों, व्यवसायों और निवेशकों के सहयोग से ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में नवाचार को गति दे रही है। यह नीति पर्यावरण सुरक्षा, आर्थिक विकास एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।