मध्यप्रदेश के इस गांव में ​भाजपा और कांग्रेस की रजामंदी, बिजलीकर्मी की पत्नी बनी निर्विरोध सरपंच – MP ELECTION NEWS

In this village of Madhya Pradesh, the consent of the BJP and the Congress, the wife of the electrician became the sarpanch unopposed - MP ELECTION NEWS

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Shubham Sharma
Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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मध्य प्रदेश में आगामी समय में पंचायत चुनाव होना है। नामांकन दाखिल करने की तारीख भी खत्म हो चुकी है। अब नाम वापसी की तारीख आने वाली है।

ऐसे में कुछ दिनों में चुनाव प्रचार भी शुरू हो जाएगा और सभी प्रत्याशी चुनाव प्रचार करने के लिए मैदान संभाल लेंगे। इसी बीच अब आर्थिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने एक नया आदर्श पेश किया है।

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भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर एक गांव की आदिवासी महिला को निर्विरोध सरपंच के रूप में चुन लिया है। बता दें कि इस महिला का पति जो कि बिजली कंपनी में अस्थाई कर्मचारी के रूप में 15 साल से अपनी सेवा दे रहा है और यह महिला आदिवासी होने के नाते आरक्षित पंचायत में सरपंच पद के लिए चुनी गई है। इसी तरह देपालपुर जोकि इंदौर की तहसील है इसमें भी कुछ पंचायतों में ऐसा ही हुआ है।

मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव का धमाका शुरू हो चुका है सभी पंचायतों में जोर शोर से तैयारी चल रही है। नामांकन दाखिल करने की तारीख भी खत्म हो चुकी है।

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इसके साथ ही अब कुछ ही दिन बचे हैं कि चुनाव प्रचार की तैयारी भी शुरू हो जाएगी। चुनाव प्रचार में सभी प्रत्याशी कई दावे मतदाताओं के सामने पेश करेंगे और वोट मांगेंगे। ऐसे में मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने इस पंचायत चुनाव में एक नया आदर्श पेश कर दिया है।

इस गांव में निर्विरोध चुनी गई सरपंच

सोमवार को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी। जिले की पंचायत में पंच व सरपंचों ने सैकड़ों नामांकन दाखिल किए हैं। नेमावर रोड के 2 गांव में निर्विरोध सरपंच चुने गए। खुड़ैल खुर्द में सरपंच की कुर्सी पर एक आदिवासी महिला बैठी है। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने एकमत होकर किरण पति धर्मेंद्र नामक का नामांकन दाखिल कराया और सारे दस्तावेजों की खानापूर्ति करने के बाद उसे सरपंच के रूप में चुना है।

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बता दें कि धर्मेंद्र बिजली कंपनी में अस्थाई कर्मचारी है और 15 सालों से अपनी सेवा दे रहे हैं। अपनी पत्नी को चुनाव नहीं लड़ आना चाहते थे, लेकिन लोगों की जीत के आगे वहां कुछ बोल नहीं पाए और चुनाव में उतारा है। इसके अलावा हसनाबाद बुजुर्ग में सरपंच सीट भी आदिवासी हो गई है।

राम सिंह निर्विरोध सरपंच चुने गए निर्विरोध सरपंच राम सिंह कांग्रेस नेता राम सिंह पारिया का कर्मचारी है। ऐसे में अगले चुनाव और भी रोमांचक हो गया है। प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल कर दिया है चुनाव में तैयारी शुरू हो चुकी है।

इसी तरह एक और मामला देपालपुर की नांद्रा पंचायत में देखने को मिला, जहां कांग्रेस समर्पित प्रत्याशी संगीता पति बहादुर पटेल निर्विरोध सरपंच चुनी गई है। गौरतलब है कि भाजपा और कांग्रेस के नेता पूरी ताकत में हैं और अपने प्रभाव क्षेत्र करा रहे हैं कि प्रत्याशियों से बात करेंगे।

17 सीटों में 78 नामांकन हुए दाखिल

इसके साथ ही जिला पंचायत की बात करें तो 17 सीटों में से कुल 78 नामांकन दाखिल हुए हैं। सबसे अधिक प्रत्याशी वार्ड 4 के सामने आए हैं। यहां से अनिल पटेल, दिलीप पटेल, सुरेश शिवनारायण, रवि लोहाना, भारत भूषण, जितेंद्र कैलाश समेत कई लोग शामिल है।

वहीं वार्ड 6 में रुकमणी बाई, अरुणा बाई, वार्ड 8 में रुकमा बाई, मुन्नी बाई ,वार्ड 16 में अनारक्षित महिलाओं में मीराबाई लीलाबाई के बीच में सीधा मुकाबला है। इसी तरह सभी पंचायत और वार्ड में कई तरह के प्रत्याशी चुने गए हैं। ऐसा लग रहा है यहां से प्रत्याशियों की फौज खड़ी हो चुकी है। सभी प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर चुके हैं और अब चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक कर जीतने की कोशिश करेंगे।

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