MP के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान: “मप्र शांति का टापू” तनाव फैलाने की बिलकुल ना करें कोशिश, कतई बख्शा नहीं जाएगा

MP के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान: "मप्र शांति का टापू" तनाव फैलाने की बिलकुल ना करें कोशिश, कतई बख्शा नहीं जाएगा

SHUBHAM SHARMA
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MP के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान: "मप्र शांति का टापू" तनाव फैलाने की बिलकुल ना करें कोशिश, कतई बख्शा नहीं जाएगा

भोपाल। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हुई सांप्रदायिक घटना को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि शांति के टापू मध्यप्रदेश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

खंडवा में अशफाक पर रासुका की कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है। उसके साथियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आरोपियों की संपत्ति की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अकेले खंडवा ही नहीं, पूरे प्रदेश में कोई भी, कहीं भी सांप्रदायिक तनाव अगर पैदा करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। जो अशफाक की हरकत थी उस पर गौर किया है और उसके साथियों ने जो गैंग बना ली थी, उन सब की जानकारी और रिकार्ड खंगाला जा रहा है।

इनका अतिक्रमण का भी रिकार्ड खंगाला जा रहा है। सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। रासुका लगाकर जेल भेज दिया गया है। यह मध्य प्रदेश हमारा शांति का टापू है। इस तरह की कोई नापाक कोशिश करेगा तो बख्शा नहीं जाएगा।

राहुल गांधी और प्रियंका के प्रदेश दौरे पर कसा तंज

इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के मध्य प्रदेश दौरे पर तंज कसते हुए मंत्री मिश्रा ने कहा कि यूपी में दोनों भाई बहनों ने चुनाव प्रचार किया था तब केवल दो सीट ही मिली थी। कांग्रेस के झंडा लगाओ अभियान पर उन्होंने कहा कि सबको पता है कमलनाथ केवल आदेश ही जारी कर सकते हैं।

उनके आदेश का कांग्रेसी भी पालन नहीं करते। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जो कहते हैं, उनकी कोई मानता नहीं और इस सर्कुलर का भी वही हश्र देखना। इस आदेश का कुछ नहीं होगा। कांग्रेस के बूथ मजबूत अभियान को लेकर गृहमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि बूथ पर कार्यकर्ता है नहीं, फिर बूथ को मजबूत कौन करेगा।

कांग्रेस के वचनपत्र पर साधा निशाना

डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के वचन पत्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां तक (कांग्रेस के) ‘वचन पत्र’ की बात है तो पहले एक शब्द चलता था बोल वचन। सो, इस बारे में मैं कहूंगा कि यह कमलनाथ के वोट वचन हैं। हम जब बचपन में पढ़ते थे तो बहुत सारी कापी-किताबों में एक रफ कापी भी होती थी, जिसमें सब लिख दिया जाता था, यह भी रफ कापी बन रही है उनकी। जो भी बोले, करना-धरना कुछ है नहीं, लिखने में क्या बुराई है।

वहीं कर्नाटक की तरह मप्र में भी भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के दावों पर मंत्री मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के नेता मध्य प्रदेश में दिवास्वप्न देख रहे हैं। विधायकों की बगावत के चलते ही प्रदेश में पहले कांग्रेस की सरकार चली गई और आज भी वहां भगदड़ के हालात हैं।

जिस सरकार में मंत्री थे, वह सरकार इसीलिए चली गई थी क्योंकि 42 विधायकों ने बगावत कर दी। राष्ट्रपति चुनाव में एक साथ 17 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। 28 के उपचुनाव मध्य प्रदेश में एक साथ हुए हैं। यह काला अध्याय उन्हीं की पार्टी का है।

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