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पीएम मोदी ने की घोषणा: 2024 में भारत करेगा क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी

पीएम मोदी ने घोषणा की है कि भारत 2024 में क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। हिरोशिमा में क्वाड बैठक के दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘क्वाड वैश्विक भलाई, लोगों के कल्याण, समृद्धि और शांति के लिए प्रयास करना जारी रखेगा।’ 

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जापान की अध्यक्षता में आयोजित जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हिरोशिमा में हैं। हालांकि भारत जी7 देशों का हिस्सा नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री किशिदा के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश का दौरा किया। 

मुलाकात के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथोनी अल्बनीस ने कहा, ‘मैं फिर से करीबी दोस्तों के बीच आकर खुश हूं। एक खुले, स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक साथ खड़ा हूं। एक ऐसा क्षेत्र जहां संप्रभुता का सम्मान किया जाता है और बड़े और छोटे सभी देश क्षेत्रीय संतुलन से लाभ।”

जबकि जापानी पीएम फुमियो किशिदा ने कहा, “हम व्यावहारिक सहयोग में शामिल होने के लिए आसियान, दक्षिण एशिया और प्रशांत द्वीप राज्यों के क्षेत्रीय देशों की आवाज सुनेंगे जो इस क्षेत्र को अच्छे के लिए एक ताकत के रूप में वास्तविक लाभ प्रदान करता है।”

बैठक में बोलते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा, “मुझे लगता है कि लोग अब से 20-30 साल बाद इस क्वाड को देखेंगे और कहेंगे कि परिवर्तन न केवल क्षेत्र में बल्कि दुनिया में भी गतिशील है। मेरे विचार में, हमने पिछले दो वर्षों में बहुत प्रगति की है।” ।”

यहां पढ़िए 20 मई 2023 की मध्य प्रदेश की सभी बड़ी खबरें, केवल एक क्लिक पर – MP NEWS

Madhya Pradesh News Update: यहां पढ़िए 20 मई 2023 की मध्य प्रदेश की सभी बड़ी खबरें, केवल एक क्लिक पर – MP NEWS . मध्य प्रदेश के 52 जिलों के घटनाक्रम व राजनीति हलचल से जुड़ी सभी खबरें यहाँ पढ़ सकते है।

भोपाल: MIC संकल्पों को लेकर नगर निगम परिषद की मीटिंग में हंगामा, दो बार घेरी आसंदी

भोपाल। जैसी कि उम्मीद की जा रही थी नगर निगम परिषद की मीटिंग में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। पार्षद निधि, एमआईसी के संकल्पों और फ्री पार्किंग में शुल्क वसूलने को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जमकर विरोध किया और दो बार अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी का घेराव किया।

जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेसी पार्षदों ने अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की दो बार कुर्सी घेरी। इसके बाद मीटिंग कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।

मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ का कलमबंद आंदोलन स्थगित

मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ का कलमबंद आंदोलन स्थगित: सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया से महासंघ की  मांगों का विधिसम्मत ढंग से निराकरण किए जाने का आश्वाशन मिलने पर मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ ने आज कलमबंद आंदोलन को स्थगित कर दिया है।

भोपाल: दो हजार के नोट का सर्कुलेशन बंद होने पर राजनीति शुरू, कांग्रेस ने लगाए आरोप

भोपाल: आरबीआई द्वारा 2000 रुपये के नोट का सर्कुलेशन बंद किए जाने को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति सुलगने लगी है। कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा और नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंदसिंह ने इसे लेकर भाजपा पर आरोप लगाए हैं।

विधायक पीसी शर्मा ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने कर्नाटक में दो हजार रुपये के नोट बांटे थे, लेकिन जब वोट नहीं मिले तो लोगों को सबक सिखाने के लिए इन नोटों का सर्कुलेशन बंद कर दिया गया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने इसे तुगलकी फरमान बताया है।

भोपाल में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR की मांग तेज, कलचुरी समाज ने किया धरना-प्रदर्शन

भोपाल। अपने आराध्य देव भगवान सहस्त्रबाहु के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर आक्रोशित क्षत्रिय कलचुरी समाज बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा है।

इसी सिलसिले में समाज के लोग शनिवार सुबह 11.00 बजे भोपाल के एकांत पार्क के पास कलचुरी भवन में एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने पं. धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की भी मांग की। धरना प्रदर्शन के साथ ही शहर में जगह-जगह पं. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पोस्टर भी लगाए गए हैं।

उज्जैन: रेलवे के स्टोरेज यार्ड में धमाके के साथ लगी आग

उज्जैन। शहर के मक्सी रोड स्थित पावर हाउस के पीछे रेलवे के स्टोरेज यार्ड में शनिवार सुबह आग लग गयी। जिस स्टोर में आग लगी वहां रबर रेल पैड और मेटल के क्लीप तथा अन्य सामान रखा हुआ था।

सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया। जानकारी लगने पर आरपीएफ और रेलवे से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गये।

उज्जैन: रेलवे के स्टोरेज यार्ड में धमाके के साथ लगी आग

उज्जैन। शहर के मक्सी रोड स्थित पावर हाउस के पीछे रेलवे के स्टोरेज यार्ड में शनिवार सुबह आग लग गयी। जिस स्टोर में आग लगी वहां रबर रेल पैड और मेटल के क्लीप तथा अन्य सामान रखा हुआ था।

सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया। जानकारी लगने पर आरपीएफ और रेलवे से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गये।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह लगभग 8 बजे मक्सी रोड विद्युत मंडल पावर हाउस के पीछे स्थित रेलवे के पीक्यूआरएस स्टोरेज एनसी यार्ड में आग लग गयी। रेलवे के अधिकारियों को इसकी सूचना आसपास के रहवासियों ने दी। जिस यार्ड में आग लगी उसके नजदीक रेलवे का प्रशिक्षु विश्राम गृह मौजूद है।

घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर स्टोर के इंचार्ज एच के राजपूत व आरपीएफ थाना प्रभारी पीआर मीना व अन्य अधिकारी – कर्मचारी भी पहुंच गये थे। टीन शेड के बने स्टोर रूम में लगी आग को लेकर आसपास के रहवासियों ने बताया कि आग लगने से पहले उन्होंने एक धमाका सुना और उसके बाद स्टोर रूम से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगी। लोगों ने इसकी जानकारी रेलवे तथा फायर ब्रिगेड को दी।

दमकल के आने से पहले यहां मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया था। कुछ देर बाद यहां फायर ब्रिगेड की तीन गाडिय़ां पहुंची और आग पर काबू पाया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन स्टोर रूम में रखा सामान जल गया।

रबर पैड और मेटल क्लीप थे स्टोर में

घटना को लेकर मौके पर मौजूद उक्त स्टोर के इंचार्ज एच के राजपूत ने बताया कि स्टोर में रबर के रेल पैड और लोहे के क्लीप रखे हुए थे। रबर के रेल पैड पुराने थे। जो आग लगने पर जल गये। जबकि लोहे के क्लीप का इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि रबर या प्लास्टिक से बने रेल पैड पटरियों के नीचे लगाये जाते हैं ताकि गुजरती ट्रेन के कंपन के झटकों को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि संभवत: शार्ट सर्किट के कारण यह घटना हुई है।

भोपाल में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR की मांग तेज, कलचुरी समाज ने किया धरना-प्रदर्शन

भोपाल। अपने आराध्य देव भगवान सहस्त्रबाहु के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर आक्रोशित क्षत्रिय कलचुरी समाज बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा है।

इसी सिलसिले में समाज के लोग शनिवार सुबह 11.00 बजे भोपाल के एकांत पार्क के पास कलचुरी भवन में एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने पं. धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की भी मांग की। धरना प्रदर्शन के साथ ही शहर में जगह-जगह पं. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पोस्टर भी लगाए गए हैं।

दरअसल, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं प्रसिद्ध कथावाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री ने पिछले महीने अपने एक कार्यक्रम के दौरान भगवान सहस्त्रबाहु को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद कलचुरी समाज के लोग आक्रोशित हो गए। जगह-जगह पं. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ प्रदर्शन होने लगे।

विवाद बढ़ता देख पं. धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान को लेकर सफाई देते हुए ट्वीट किया गया कि ‘विगत कुछ दिनों से एक विषय संज्ञान में आया है एक चर्चा के मध्य में मेरे द्वारा भगवान परशुरामजी एवं महाराज सहस्त्रबाहू अर्जुनजी के मध्य हुए युद्ध के विषय में जो भी कहा गया है, वह हमारे पवित्र हिन्दू शास्त्रों में वर्णित आधार पर कहा गया है।

हमारा उद्देश्य किसी भी समाज अथवा वर्ग की भावनाओं को आहत करने का नहीं था, न ही कभी होगा, क्योंकि हम तो सदैव सनातन की एकता के पक्षधर रहे हैं। फिर भी यदि हमारे किसी शब्द से किसी की भावना आहत हुई हो, तो इसका हमें खेद है। हम सब हिन्दू एक हैं, एक रहेंगे। हमारी एकता ही हमारी शक्ति है।’

इसके बावजूद अपने आराध्य देव पर की गई टिप्पणी को लेकर कलचुरी समाज का आक्रोश कम नहीं हुआ और अभी जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। शनिवार को समाज के लोगों ने भोपाल में प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के पदाधिकारी डॉ. एलएन मालवीय ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान सहस्त्रबाहु के बारे में आपतिजनक टिप्पणी की है। वह पुराणों का हवाला दे रहे हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर खेद जताया है, लेकिन माफी नहीं मांगी है। हमने उनसे जानकारी मांगी है कि उन्होंने जो कहा है, वह किस पुराण में लिखा है। उनके बयान से समाज में आक्रोश है। यादव, ताम्रकर और राजपूत समाज में भी आक्रोश है। देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। यदि पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगी तो कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

भोपाल: दो हजार के नोट का सर्कुलेशन बंद होने पर राजनीति शुरू, कांग्रेस ने लगाए आरोप

भोपाल: आरबीआई द्वारा 2000 रुपये के नोट का सर्कुलेशन बंद किए जाने को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति सुलगने लगी है। कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा और नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंदसिंह ने इसे लेकर भाजपा पर आरोप लगाए हैं।

विधायक पीसी शर्मा ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने कर्नाटक में दो हजार रुपये के नोट बांटे थे, लेकिन जब वोट नहीं मिले तो लोगों को सबक सिखाने के लिए इन नोटों का सर्कुलेशन बंद कर दिया गया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने इसे तुगलकी फरमान बताया है।

प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने 2000 के नोट का सर्कुलेशन से बंद करने पर भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि दो-दो हजार के नोट कर्नाटक चुनाव में इन्होंने बांटे थे। लोगों ने नोट ले लिए और वोट दिए नहीं, इसलिए जिन लोगों ने भाजपा को वोट नहीं दिए, उनको टॉर्चर करने की ये एक प्रक्रिया है।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने इसे तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री बताएं जब बंद ही करना था, तो 2 हजार का नोट क्यों जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी जनता को डराकर रखना चाहते हैं। पहले नोटबंदी में आम जनता की मौतें हुईं। भाजपा नेताओं ने नोटबंदी में काले धन को सफेद किया।

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 का नोट सर्कुलेशन से वापस लेने का फैसला लिया है, लेकिन मौजूदा नोट अमान्य नहीं होंगे। आरबीआई ने बैंकों को 23 मई से 30 सितंबर तक 2000 के नोट लेकर बदलने के निर्देश दिए हैं। एक बार में अधिकतम 20 हजार रुपये कीमत के नोट ही बदले जाएंगे। लेकिन, अकाउंट में इन नोटों को जमा करने पर लिमिट नहीं होगी। अब से ही बैंक 2000 के नोट इश्यू नहीं करेंगे।

मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ का कलमबंद आंदोलन स्थगित

मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ का कलमबंद आंदोलन स्थगित: सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया से महासंघ की  मांगों का विधिसम्मत ढंग से निराकरण किए जाने का आश्वाशन मिलने पर मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ ने आज कलमबंद आंदोलन को स्थगित कर दिया है।

महासंघ ने जारी लिखित बयान में स्पष्ट किया है कि  आंदोलन किसानों के हित में  स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। महासंघ ने कहा कि शासन उनकी मांगों का समय-सीमा में निराकरण करेगा।  महासंघ विभिन्न मांगों को लेकर 6 मई से कलमबंद आंदोलन पर  था।

भोपाल: MIC संकल्पों को लेकर नगर निगम परिषद की मीटिंग में हंगामा, दो बार घेरी आसंदी

भोपाल। जैसी कि उम्मीद की जा रही थी नगर निगम परिषद की मीटिंग में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। पार्षद निधि, एमआईसी के संकल्पों और फ्री पार्किंग में शुल्क वसूलने को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जमकर विरोध किया और दो बार अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी का घेराव किया।

जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेसी पार्षदों ने अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की दो बार कुर्सी घेरी। इसके बाद मीटिंग कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।

नगर निगम परिषद की मीटिंग शनिवार को करीब 40 मिनट देरी से सुबह 11.40 बजे शुरू हुई। शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुई। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने मीटिंग की शुरुआत की। तभी कांग्रेसी पार्षदों ने पिछले बजट को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, सीनियर पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, अजीजउद्दीन ने पार्षद निधि में कमी करने को लेकर विरोध जताया। साथ ही पिछले बजट का आदेश पलट पर रखने की मांग करने लगे। जवाब देने के लिए महापौर मालती राय को कुर्सी से उठना पड़ा। उन्होंने जवाब भी दिया, लेकिन विपक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा।

इसके बाद सभी कांग्रेसी पार्षद शोर मचाते हुए निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी की आसंदी के सामने पहुंच गए। उन्होंने पूरी पार्षद निधि देने की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। निगम अध्यक्ष ने सभी को समझाईश देकर लौटाया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने निगम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। वे ‘नरेला की महापौर’ के स्लोगन लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।

पार्षद निधि के मुद्दे पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि पार्षद निधि पर अंकुश लगाना ठीक नहीं है। इधर, पार्षद निधि के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस पार्षद आमने-सामने हो गए। एमआईसी मेंबर रविंद्र यति इसी मुद्दे पर बात करने उठे तो अध्यक्ष से उनकी हल्की नोंकझोंक हो गई। इसके बाद अध्यक्ष सूर्यवंशी ने 5 मिनट के लिए मीटिंग स्थगित कर दी।

प्रश्नकाल के दौरान पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने फ्री पार्किंग के बाद भी शुल्क वसूल करने का मुद्दा उठाया। इस पर अध्यक्ष ने संबंधित का टेंडर कैंसिल कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि जहां-जहां फ्री पार्किंग है, वहां पर बोर्ड लगाया जाए। इसके बावजूद यदि लोगों से पार्किंग शुल्क वसूला जाता है तो जोनल अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

यहां पढ़िए BGMI UNBAN पर सामने आई KRAFTON से केंद्र सरकार तक सभी बड़ी खबरें, केवल एक क्लिक पर

BGMI UNBAN NEWS: यहां पढ़िए BGMI UNBAN पर सामने आई KRAFTON से केंद्र सरकार तक सभी बड़ी खबरें, केवल एक क्लिक पर. BGMI भारत में मात्र 3 महीने के लिए होगा लॉन्च: इसका क्या मतलब है? जाने पूरी डिटेल

BGMI निर्माता Krafton ने आधिकारिक रूप से सुरक्षा चिंताओं के कारण पिछले प्रतिबंध के बाद बैटल ग्राउंड्स मोबाइल इंडिया (BGMI) की भारतीय गेमिंग परिदृश्य में वापसी की घोषणा की है। हालांकि, भारत सरकार ने कहा है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले खेल को 90 दिनों की कड़ी निगरानी अवधि से गुजरना होगा।

BGMI NEWS: भारत में BGMI पर 10 महीने से लगे BAN के बाद 3 महीने के लिए हुआ अनबेन, PUBG NEWS

BGMI NEWS: लोकप्रिय गेम बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया Battlegrounds Mobile India (BGMI)के निर्माता क्राफ्टन ने खुलासा किया है कि यह गेम एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर वापसी करेगा। BGMI को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए जुलाई 2022 में भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि, क्राफ्टन ने पुष्टि की है कि वे जल्द ही गेम को वापस लाएंगे, जो डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा।

BGMI की फिलहाल 90 दिनों के लिए भारत में वापसी: Game में नहीं बहेगा खून और खेलने का TIME रहेगा Limited

BGMI UNBAN NEWS: क्राफ्टन ने शुक्रवार को घोषणा की कि बीजीएमआई वापस आ जाएगा और गेम जल्द ही डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने भारत में बीजीएमआई को फिर से लॉन्च करने की अनुमति देने के लिए भारतीय अधिकारियों को धन्यवाद दिया। 

BGMI UNBAN: लोकप्रिय खेल बीजीएमआई भारत में फिर Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध, केंद्र ने 3 महीने के परीक्षण को दी मंजूरी

BGMI UNBAN: सरकार द्वारा 3 महीने की परीक्षण अवधि के लिए प्रतिबंध हटाने के बाद ऑनलाइन गेमिंग ऐप बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया भारत में परिचालन फिर से शुरू कर देगा। दक्षिण कोरियाई गेमिंग कंपनी Krafton बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया की मालिक है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि सर्वर स्थानों और डेटा सुरक्षा के मुद्दों का अनुपालन करने के बाद बीजीएमआई के लिए तीन महीने के परीक्षण की मंजूरी दे दी गई है।

BGMI RETURN: भारत में PUBG पर लगा बेन हटा, क्राफ्टन ने बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया की वापसी पर किया Official Announcement

एक लंबा इंतजार, अथक आशा और लालसा भरे दिल अब फलदायी हो गए हैं – बीजीएमआई वापस आ गया है! इस बार यह महज अफवाह या अटकलबाजी नहीं है, बल्कि इसकी घोषणा खुद क्राफ्टन ने की है। BGMI को 2022 में प्रतिबंधित कर दिया गया था, और तब से खेल के प्रशंसक भारतीय बाजार में इसकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

गेमिंग समुदाय नियमित रूप से अफवाहों के साथ बमबारी कर रहा था, प्रत्येक खेल के लिए एक अलग रिलीज की तारीख बताते थे। हालांकि, यह सब झूठ निकला। चूंकि सर्वर अभी भी सक्रिय थे, प्रशंसकों की परवाह किए बिना बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया खेलना जारी रखने में सक्षम थे।

7th Pay Commission: “7वां वेतन आयोग” सरकारी कर्मचारी के लिए खुशखबरी! जानिए वेतन संशोधन का नया अपडेट

7th Pay Commission: “7वां वेतन आयोग” सरकारी कर्मचारी के लिए खुशखबरी! पढ़ें वेतन संशोधन का नया अपडेट- 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) अपने कर्मचारियों के लिए उचित और समान वेतनमान सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

इस लेख में, हम 7वें वेतन आयोग, उसके इतिहास, प्रमुख सिफारिशों, कार्यान्वयन, प्रभाव, विवादों और पिछले वेतन आयोगों की तुलना के बारे में विस्तार से जानेंगे। आइए इस आयोग के महत्व और इसके उद्देश्य को समझने के साथ आरंभ करें।

7th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग को समझना

7वां वेतन आयोग एक सरकार द्वारा नियुक्त निकाय है जो नागरिक कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों और पेंशनभोगियों सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना और भत्तों में बदलाव की समीक्षा और सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कर्मचारियों को बाजार के रुझान के अनुरूप पर्याप्त पारिश्रमिक मिले और मौजूदा असमानताओं को दूर किया जाए।

वेतन आयोग का इतिहास और पृष्ठभूमि

भारत में वेतन आयोग की अवधारणा 1946 से चली आ रही है जब सरकार ने पहला केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) नियुक्त किया था। तब से, वेतन संरचना, भत्तों और संबंधित मामलों की जांच के लिए नियमित अंतराल पर बाद के आयोगों की स्थापना की गई है। 7वें वेतन आयोग का गठन 28 फरवरी 2014 को न्यायमूर्ति एके माथुर की अध्यक्षता में किया गया था और 19 नवंबर 2015 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

7th Pay Commission की प्रमुख सिफारिशें

वेतन संरचना

7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतनमान में वृद्धि, वेतन बैंड को समेकित करके और वेतन मैट्रिक्स में संशोधन करके वेतन संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए। इसका परिणाम सरकारी कर्मचारियों के लिए उच्च वेतन के रूप में हुआ, जिससे एक बेहतर पारिश्रमिक प्रणाली की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा किया जा सका।

भत्ते और लाभ

आयोग ने वेतन ढांचे में संशोधन के अलावा विभिन्न भत्तों और लाभों में बदलाव की भी सिफारिश की है। इसने कर्मचारियों को अधिक वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस की दरों में संशोधन किया।

पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ

आयोग की सिफारिशों का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों को बढ़ाना भी है। इसने सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की अवधारणा पेश की और सेवानिवृत्त लोगों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ा दी।

7वें वेतन आयोग का कार्यान्वयन और प्रभाव

5सरकारी कर्मचारी

सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार किया और 1 जनवरी 2016 से संशोधित वेतन संरचना और भत्ते लागू किए गए। इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों के टेक-होम वेतन में काफी वृद्धि हुई, उनका मनोबल बढ़ा और उनके समग्र रूप में सुधार हुआ। जीवन स्तर।

अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति

7वें वेतन आयोग के लागू होने का अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा। सरकारी कर्मचारियों की बढ़ी हुई डिस्पोजेबल आय ने उपभोक्ता खर्च में वृद्धि की, मांग को उत्तेजित किया और आर्थिक विकास में योगदान दिया। हालाँकि, इसने मुद्रास्फीति के दबावों और राजकोषीय घाटे के प्रबंधन के संदर्भ में भी चुनौतियाँ पेश कीं।

आयोग को लेकर आलोचनाएं और विवाद

असमानताएं और असमानताएं

जबकि 7वें वेतन आयोग का उद्देश्य वेतन विसंगतियों को दूर करना था, कुछ आलोचकों का तर्क है कि यह उच्चतम और निम्नतम वेतन पाने वाले सरकारी कर्मचारियों के बीच की खाई को पाटने में विफल रहा। असमानताएँ और असमानताएँ बनी रहती हैं, जिससे कार्यबल के कुछ वर्गों में असंतोष पैदा होता है।

राजकोषीय बोझ

आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप सरकार के वेतन और पेंशन बिलों में पर्याप्त वृद्धि हुई। इसने राजकोषीय बोझ पैदा किया और एक स्थायी राजकोषीय घाटे को बनाए रखने और सार्वजनिक वित्त को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में चुनौतियां पेश कीं।

पिछले वेतन आयोगों के साथ तुलना

7वें वेतन आयोग और उसके पूर्ववर्तियों के बीच तुलना सिफारिशों की प्रगतिशील प्रकृति को उजागर करती है। 7वें वेतन आयोग ने तुलनात्मक रूप से उच्च वेतन वृद्धि और बेहतर भत्ते प्रदान किए, जिससे सरकारी कर्मचारियों के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण छलांग लगी।

निष्कर्ष

7वें वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना, भत्तों और सेवानिवृत्ति लाभों में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने कार्यबल को बहुत जरूरी राहत दी है और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास में योगदान दिया है। हालाँकि, चुनौतियाँ बनी हुई हैं, जैसे असमानताओं को दूर करना और राजकोषीय दबावों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

7वां वेतन आयोग क्या है?

भारत में रक्षा बलों सहित सभी केंद्र सरकार के असैन्य कर्मचारियों के सिद्धांतों और परिलब्धियों की संरचना की समीक्षा के लिए फरवरी 2014 में गठित 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7 सीपीसी) ने 
19 नवंबर 2015 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

7वां वेतन आयोग कब गठित किया गया था?

न्यायमूर्ति एके माथुर सातवें वेतन आयोग की अध्यक्षता करेंगे, जिसकी घोषणा 4 फरवरी 2014 को की गई थी। 
29 जून 2016 को, सरकार ने 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिश को छह महीने के गहन मूल्यांकन और क्रमिक चर्चा के बाद वेतन में 14% की मामूली वृद्धि के साथ स्वीकार कर लिया।

7वें वेतन आयोग की प्रमुख सिफारिशें क्या थीं?

फिटमेंट: 7वां वेतन आयोग सिस्टम में पक्षपात और भेदभाव को खत्म करने के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है। वेतन आयोग ने सभी कर्मचारियों के लिए 2.57 के एकसमान फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की है।

SSC CHSL Tier 1 Result 2023: टियर 1 रिजल्ट और मेरिट लिस्ट की पीडीएफ डाउनलोड करें

SSC CHSL Result 2023: Download Tier 1 Result & Merit List PDF: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने हाल ही में 2023 में आयोजित कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा का परिणाम घोषित किया है। जो उम्मीदवार टियर 1 परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब अपने परिणाम और मेरिट सूची पीडीएफ प्रारूप में देख सकते हैं।

इस घोषणा ने उन उम्मीदवारों में बहुत उत्साह पैदा कर दिया है जो अपने परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस लेख में, हम आपको SSC CHSL टियर 1 के परिणाम और मेरिट सूची तक पहुँचने की प्रक्रिया के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

SSC CHSL परीक्षा एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा है, जो लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC), डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), पोस्टल असिस्टेंट (PA) और सॉर्टिंग असिस्टेंट (SA) सहित विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों की भर्ती के लिए प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। टीयर 1 परीक्षा प्रारंभिक स्क्रीनिंग दौर के रूप में कार्य करती है, और इस चरण में अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार बाद की चयन प्रक्रिया के लिए योग्य हो जाते हैं।

SSC CHSL टियर 1 के परिणाम की घोषणा उन उम्मीदवारों के लिए राहत और प्रत्याशा की भावना लाती है जिन्होंने कड़ी मेहनत की है और परीक्षा के लिए समर्पित रूप से तैयारी की है। परिणाम उनके प्रदर्शन को प्रदर्शित करता है और भर्ती प्रक्रिया के आगे के चरणों के लिए उनकी पात्रता निर्धारित करता है।

एसएससी सीएचएसएल टियर 1 परिणाम और योग्यता सूची की जांच करने के लिए, उम्मीदवारों को एक सरल प्रक्रिया का पालन करना होगा। एसएससी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम और मेरिट सूची पीडीएफ प्रारूप में उपलब्ध कराई है। उम्मीदवार वेबसाइट पर जा सकते हैं और रिजल्ट सेक्शन में नेविगेट कर सकते हैं, जहां उन्हें पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए लिंक मिलेगा।

एक बार पीडीएफ फाइल डाउनलोड हो जाने के बाद, उम्मीदवार इसे खोल सकते हैं और सूची में अपना रोल नंबर या नाम खोज सकते हैं। मेरिट लिस्ट में उन उम्मीदवारों के नाम या रोल नंबर शामिल हैं, जिन्होंने टियर 2 परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया है। उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण पर आगे बढ़ने से पहले सावधानीपूर्वक अपने विवरण की जांच करें और अपनी योग्यता सत्यापित करें।

एसएससी सीएचएसएल टीयर 1 के परिणाम की घोषणा के साथ ही टीयर 2 परीक्षा के लिए तैयारी के चरण की शुरुआत भी हो जाती है। जिन उम्मीदवारों ने क्वालीफाई किया है, उन्हें अब अगले चरण में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। टीयर 2 परीक्षा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उम्मीदवारों की लेखन क्षमता का आकलन करती है और उनके भाषा कौशल का मूल्यांकन करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

अंत में, 2023 की परीक्षा के लिए एसएससी सीएचएसएल टियर 1 का परिणाम जारी कर दिया गया है, जो परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए खुशी और उत्साह लेकर आया है। पीडीएफ प्रारूप में मेरिट सूची अब एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

योग्य उम्मीदवारों को अब टीयर 2 परीक्षा के लिए तैयार हो जाना चाहिए और पूरी लगन से अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए। प्रतिष्ठित सरकारी संगठनों में एक स्थान हासिल करने की दिशा में उनकी यात्रा में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

एसएससी सीएचएसएल परिणाम 2023: महत्वपूर्ण तिथियां
आयोजनपिंड खजूर।
एसएससी सीएचएसएल 2023 टियर 1 परीक्षा तिथियां09 मार्च से 21 मार्च 2023 तक
एसएससी सीएचएसएल टियर 1 उत्तर कुंजी 202331 मार्च 2023
एसएससी सीएचएसएल टियर 1 परिणाम 202319 मई 2023
एसएससी सीएचएसएल कट ऑफ 202319 मई 2023
एसएससी सीएचएसएल टियर 1 अंकमई 2023 (चौथा सप्ताह)
एसएससी सीएचएसएल टियर 2 परीक्षा तिथि26 जून 2023

Combined Higher Secondary (10+2) Level Examination (Tier-I), 2022 – List of the candidates shortlisted for appearing in Tier-II (in Roll Number Order)

SSC CHSL Tier 1 Result 2023 Link