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मध्य प्रदेश में लाउडस्पीकरों पर प्रतिबंध, सीएम मोहन यादव ने लिया बड़ा फैसला

MP LOUDSPEAKER NEWS: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए लगाया गया है।

अब धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही किया जा सकेगा। इसके लिए ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रावधानों का पालन करना होगा।

राज्य सरकार ने ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए उड़नदस्ते गठित किए हैं। ये उड़नदस्ते नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों जहाँ ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, का निरीक्षण करेंगे। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उड़नदस्ते अधिकतम 3 दिन में जाँच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।

  • मध्य प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
  • अब धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही किया जा सकेगा।
  • राज्य सरकार ने ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए उड़नदस्ते गठित किए हैं।

धर्मगुरुओं से भी सहयोग लिया जाएगा। ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाकर जहाँ इन नियमों और निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है, जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा कर पालन प्रतिवेदन आगामी 31 दिसंबर तक गृह विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।

ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिये अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग) पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी समय-समय पर लाउड स्पीकरों, डीजे आदि के अवैधानिक प्रयोग के संबंध में प्रतिवेदन शासन को प्रस्तुत करेंगे।

इस संबंध में गृह विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।

  • प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • धर्मगुरुओं से भी सहयोग लिया जाएगा।
  • ध्वनि प्रदूषण के मामलों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

केवलारी: अयोध्या से आये अक्षत कलश की भव्य शोभा यात्रा कल

केवलारी, सिवनी, मध्यप्रदेश (विनोद सिसोदिया): 14 दिसंबर को निकलेगी अयोध्या से आये अक्षत कलश की भव्य शोभा यात्रा, नगर के मंदिरों में स्थापित होंगे कलश

  • केवलारी में अयोध्या से आये अक्षत कलश की भव्य शोभा यात्रा कल निकाली जाएगी।
  • यात्रा सुबह 8:00 बजे बड़े ग्राउंड में स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होगी।
  • यात्रा लोधी मोहल्ला हनुमान मंदिर, बस स्टैंड, राम मंदिर और खेरमाई मंदिर से होते हुए गुजरेगी।
  • यात्रा का समापन खेरमाई मंदिर में होगा।
  • शेष कलश केवलारी के विभिन्न खंडों में पहुंचाई जाएगी।
  • नगरवासियों द्वारा क्षेत्र के समस्त जनमानस से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का निवेदन किया गया है।

केवलारी में अयोध्या से आये अक्षत कलश की भव्य शोभा यात्रा कल 14 जुलाई, दिन गुरुवार को निकाली जाएगी। यात्रा सुबह 8:00 बजे बड़े ग्राउंड में स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होगी।

यात्रा लोधी मोहल्ला हनुमान मंदिर, बस स्टैंड, राम मंदिर और खेरमाई मंदिर से होते हुए गुजरेगी। यात्रा का समापन खेरमाई मंदिर में होगा। शेष कलश केवलारी के विभिन्न खंडों में पहुंचाई जाएगी।

नगरवासियों द्वारा क्षेत्र के समस्त जनमानस से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का निवेदन किया गया है। इस अवसर पर सभी धर्म के लोग शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं।

यह यात्रा केवलारी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। अयोध्या से आये अक्षत कलश को नगर के मंदिरों में स्थापित किया जाएगा। इससे नगर में आध्यात्मिकता का माहौल रहेगा।

सिवनी में कांग्रेस पार्षदों के इस्तीफे से बढ़ी हलचल, राजा बघेल के निष्कासन से नाराजगी

सिवनी, मध्य प्रदेश। सिवनी नगर पालिका में बीते दिनों अत्यधिक हलचल दिखाई दे रही है। यह हलचल विधानसभा चुनाव के बाद से अत्यधिक तेज हुई है।

  • सिवनी नगरपालिका में कांग्रेस से पार्षदों के इस्तीफे का दौर जारी है।
  • हाल ही में तिलक वार्ड के पार्षद राहुल बघेल और सुभाष वार्ड की पार्षद प्रभा दुबे ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है।
  • इन इस्तीफों के पीछे राजा बघेल के कांग्रेस से निष्कासन को बताया जा रहा है।

कुछ दिन पहले तिलक वार्ड के पार्षद राहुल बघेल ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद सुभाष वार्ड की पार्षद प्रभा दुबे के साथ ही आजाद वार्ड पार्षद आकांक्षा शीबू सेंगर ने भी कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

राजा बघेल के निष्कासन के बाद से ही सिवनी कांग्रेस में हलचल है। राजा बघेल के समर्थक कांग्रेस से इस्तीफा दे रहे हैं। राजा बघेल को सिवनी जिले के लिए कांग्रेस की रीड की हड्डी माना जाता है।

राजनीतिक पंडितों की माने तो सिवनी में नगरपालिका में भाजपा को किनार कर कांग्रेस का शासन में आना यह पूर्ण रूप से राजा बघेल की मेहनत का ही नतीजा था।

राजा बघेल के निष्कासन के बाद से कांग्रेस के अनेकों सदस्यों द्वारा कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से स्तीफा दिया जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार कांग्रेस के इस्तीफे की इस लहर को रोकने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने राजा बघेल के समर्थकों से बातचीत की है। लेकिन, राजा बघेल के समर्थक कांग्रेस से इस्तीफा देने पर अड़े हैं।

  • राजा बघेल के समर्थकों का कहना है कि उनका निष्कासन अन्यायपूर्ण है।
  • राजा बघेल के निष्कासन से सिवनी कांग्रेस में खलबली मची हुई है।
  • राजनीतिक पंडितों का मानना है कि राजा बघेल के निष्कासन से सिवनी कांग्रेस को बड़ा नुकसान होगा

इस्तीफे की इस लहर से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है

सिवनी नगर पालिका में बीते दिनों अत्यधिक हलचल दिखाई दे रही है। यह हलचल विधानसभा चुनाव के बाद से अत्यधिक तेज हुई है। कुछ दिन पहले तिलक वार्ड के पार्षद राहुल बघेल ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद सुभाष वार्ड की पार्षद प्रभा दुबे के साथ ही आजाद वार्ड पार्षद आकांक्षा शीबू सेंगर ने भी कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

तिलक वार्ड पार्षद राहुल बघेल का इस्तीफा

तिलक वार्ड के पार्षद राहुल बघेल ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी जिस तरह हार का ठीकरा राजा बघेल के उपर फोड़ रही है यह बिलकुल ही अन्यायपूर्ण है. राजा बघेल की मेहनत की वजह से ही वर्षों बाद नगरपालिका में कांग्रेस की सरकार बनी थी. राजा बघेल का पार्टी निष्कासन हमारे लिए अत्यधिक दुखद है इसके कारण उन्हें पार्टी से इस्तीफा देना पड़ा है।

सुभाष वार्ड पार्षद प्रभा दुबे का इस्तीफा

सुभाष वार्ड की पार्षद प्रभा दुबे ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीतियों से वह नाखुश हैं, राजनीति में हार जीत लगी रहती है हार की मुख्य वजहों को नजरअंदाज कर पार्टी द्वारा जिस तरह राजा बघेल का निष्कासन किया गया यह बहुत ही निंदनीय है इसके कारण उन्हें पार्टी से इस्तीफा देना पड़ा है।

आजाद वार्ड पार्षद आकांक्षा शीबू सेंगर का स्तीफा

आजाद वार्ड की पार्षद आकांक्षा शीबू सेंगर ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए साफ़ किया कि राजा बघेल का निष्कासन पूर्ण रूप से अन्यायपूर्ण है इसी वजह से मैंने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

कई सरपंच, पंचायत सदस्य और पदाधिकारी भी देंगे स्तीफा

सिवनी जिला कांग्रेस में लगातार ही इस्तीफे का सिलसिला जारी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी में राजा बघेल के निष्कासन के बाद से ही अंदरूनी कलह अत्यधिक तेजी से बढ़ रही है। राजा बघेल जिस तरह से सिवनी कांग्रेस की रीड की हड्डी बने हुए है उस हिसाब से अब स्तीफे का सिलसिला जल्द ही रुकना मुश्किल है. अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी के और कितने पार्षद, पदाधिकारी, सरपंच और पंचायत सदस्य पार्टी छोड़ते हैं।

राज कुंद्रा की दोहरी खुशी: शानदार भांगड़ा के साथ प्रदर्शन दिखा के इंटरनेट पर धूम मचा दी

जाने-माने बिजनेसमैन से अभिनेता बने राज कुंद्रा ने हाल ही में अपनी पंजाबी जड़ों से गहरा जुड़ाव दिखाकर अपने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया। एक दिल छू लेने वाले कदम के तहत, बिजनेस जगत में अपने सफल उद्यमों के लिए जाने जाने वाले कुंद्रा ने अपने पहले प्यार – भांगड़ा का लुत्फ उठाया।

अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भांगड़ा की जीवंत धुनों पर नाचते हुए अपना एक जीवंत वीडियो साझा किया, जिसमें समृद्ध पंजाबी संस्कृति का सार दर्शाया गया है।

कुंद्रा, जो मुख्य रूप से व्यवसाय और उद्यमिता से जुड़े रहे हैं, ने बायोपिक “UT69” से फिल्मों की दुनिया में अपनी शुरुआत की।

ऐसी दुनिया में जहां प्रामाणिकता को महत्व दिया जाता है, राज कुंद्रा का अपनी पंजाबी विरासत को अपनाना और अभिनय की दुनिया में उनकी छलांग किसी के दिल की बात मानने की सुंदरता का उदाहरण है।

वीडियो न केवल भांगड़ा के प्रति उनके प्यार को दर्शाता है, बल्कि एक व्यक्तिगत संबंध को भी दर्शाता है जो एक अभिनेता के रूप में उनकी विकसित होती कहानी में गहराई जोड़ता है।

सिवनी में धान उपार्जन केन्द्रों के आवंटन में अनियमितता

सिवनी जिले में धान उपार्जन केन्द्रों के आवंटन में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि नियमों का उल्लंघन कर एक वर्ष के महिला स्व सहायता समूहों को केन्द्र आवंटित किए गए हैं। जबकि वर्षों से संचालित समूहों को तरजीह नहीं दी गई है।

जहाँ एक तरफ देश के प्रधानमन्त्री और प्रदेश के मुखिया महिला स्व सहायता समूह के माध्यम महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने के प्रयास में अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को भागीदारी से जोड़ा जा रहा है। वही दूसरी तरफ जिनके हाथों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बागडोर है उन्हीं के द्वारा वर्षों से सम्बल स्व सहायता समूहों को परेशान करने तथा अपात्र स्व सहायता समूहों के ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने का जैसे सम्बंधित अधिकारियों ने ठेका सा लेकर रख लिया है।

और यही कारण है कि वर्षों से संचालित महिला स्व सहायता समूह के पास धान उपार्जन नीति के तहत धन नहीं। वही दूसरी तरफ एक वर्ष के महिला स्व सहायता समूह के पास दस लाख रूपये की व्यवस्था कैसे हो गई इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। महिला स्व सहायता समूह में भी ठेकेदारी प्रथा जमकर हावी हो गई है। जिसका नजारा विगत एक सप्ताह से जिला पंचायत तथा एनआरएलएम कार्यालय के साथ खाद्य विभाग में देखा जा सकता है।

नियमों का उल्लंघन

उल्लेखनीय है कि धान उपार्जन केन्द्र महिला स्व सहायता समूहों के नियमानुसार आवंटित हो इस दिशा में नियम बनाये गये थे। जिसमे सबसे महत्वपूर्ण नियम यह था कि महिला स्व सहायता समूह का बैंक से लेन-देन ठीक होने के साथ बैंक की तीन बार की ग्रेडिंग अथवा सीसी लिमिट का होना अनिवार्य तथा समूह के खाते में दो लाख रूपये अमानत के साथ बैंक से लेन-देन भी सुचारू हुआ हो।

एनआरएलएम के नियम पर क्या समूह का चयन सही है?

किन्तु क्या एक वर्ष के समूह के बैंक की तीन ग्रेडिंग सीसी लिमिट पाई गई है? जिस ओर बारीकी से जांच करना तो दूर कार्यालय में फाइल नियम विरुद्ध तरीके से फाइनल होते चली गई और वर्षों से संचालित समूह तो दूर होते चले गए तथा चन्द समय के गठित स्व सहायता समूह ठेकेदारी के बल पर ऑनलाइन पोर्टल पर ड्राप डाउन नीति में दिखाई देने लगे। और शासन की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प भी पूरा हो गया।

वर्षों से संचालित समूहों को तरजीह नहीं

सिवनी जिले में सैकड़ों महिला स्व सहायता समूह वर्षों से संचालित हैं। इन समूहों ने शासन की कई योजनाओं में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन इन समूहों को धान उपार्जन केन्द्रों के आवंटन में तरजीह नहीं दी गई है।

ड्राप डाउन प्रक्रिया से पहले ही आवंटन

धान उपार्जन केन्द्रों के आवंटन की प्रक्रिया में ड्राप डाउन प्रक्रिया भी शामिल है। ड्राप डाउन प्रक्रिया में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर केन्द्रों का आवंटन किया जाता है। लेकिन सिवनी जिले में ड्राप डाउन प्रक्रिया से पहले ही केन्द्रों का आवंटन कर दिया गया है।

सिवनी में धान उपार्जन केन्द्रों के आवंटन में अनियमितता की शिकायतें गंभीर हैं। इन शिकायतों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, नियमों का पालन करते हुए धान उपार्जन केन्द्रों का आवंटन किया जाना चाहिए।

यहाँ यह बताना भी लाजिमी है कि धान उपार्जन केन्द्र प्राप्त करने के लिये महिला स्व सहायता समूह की फाइल तैयारी और जमा के पूर्व ही धान उपार्जन केन्द्र फिक्स कर दिये गये। जबकि यह प्रक्रिया तब प्रारम्भ होती है जब भारत संचनालय से ड्राप डाउन में समूहों के नाम प्रदर्शित होते हैं। किन्तु सिवनी जिले में पहले ही उपार्जन केन्द्र फिक्स होने के चलते महिला समूह अपनी मनमर्जी के उपार्जन केन्द्र जो उनके द्वारा शुरूआत में ही फिक्स करा लिये गये थे में विवाद की स्थिति बनने लगी।

और खाद्य विभाग के अधिकारों का हनन भी इस प्रक्रिया के तहत सामने आया है। वैसे अब तक शासकीय प्रक्रिया के तहत 66 उपार्जन केन्द्र पहले ही आवंटित हो चुके हैं तथा ड्राप डाउन प्रक्रिया में 19 महिला स्व सहायता समूहों के नाम भी प्रदर्शित हो चुके हैं। उपार्जन केन्द्र स्थापन प्रक्रिया में स्थान को लेकर विवाद की स्थिति सामने आने से महिला स्व सहायता समूह जो वर्षों से संचालित हैं। वर्तमान के एक वर्षीय महिला समूह की ठेकेदारी प्रथा से पीड़ित और परेशान नजर आ रहे हैं।

13 दिसंबर 2001 को संसद में हुए था आतंकी हमला: आज 22 साल बाद घुसपैठ कर धुआंदार पटाखे फोड़े…

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नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2023: आज लोकसभा में सुरक्षा उल्लंघन की एक गंभीर घटना सामने आई। दो युवक गैलरी से कूदकर सदन में घुस गए और धुआंदार पटाखे फोड़कर हंगामा किया। इस घटना से सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हुई।

घुसपैठियों को लोकसभा सदस्यों और सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया। दोनों युवकों की पहचान सागर और अमोल शिंदे के रूप में हुई है। सागर मैसूर के सांसद प्रताप सिम्हा का मेहमान था।

घटना के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी निंदा की और कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विपक्षी दलों ने भी इस घटना की निंदा की है। तृणमूल कांग्रेस नेता काकोली दस्तीदार ने कहा कि यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस घटना से देश की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।

यह घटना 22 साल बाद हुई है, जब 13 दिसंबर, 2001 को संसद पर आतंकवादी हमला हुआ था। उस हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी।

घुसपैठियों की पहचान और मकसद अभी स्पष्ट नहीं

घुसपैठियों की पहचान और मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि घुसपैठियों ने एक नारेबाजी भी की, जिसमें उन्होंने कहा कि वे “आजादी के लिए लड़ रहे हैं।”

यह भी बताया गया है कि घुसपैठियों के पास से एक प्लास्टिक की बोतल में पीला धुआं मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि यह धुआं किस पदार्थ से बना था।

संसदीय सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना से संसदीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। विपक्षी दलों ने कहा है कि इस घटना से पता चलता है कि संसद की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।tunesharemore_vertadd_photo_alternate

संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक: घुसपैठियों से एक वस्तु छीनकर बाहर फेंकने में कामयाब रहे सांसद गुरजीत सिंह औजला

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नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2023: बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई। दो युवक आगंतुक गैलरी से सदन में घुस गए और उनके हाथों में कुछ कनस्तर मौजूद थे। उनके द्वारा कनस्तर चलाया गया जो कि पीला धुआं छोड़ रहे थे।

उन घुसपैठियों में से एक सीधे अध्यक्ष महोदय की कुर्सी की तरफ भागने का पूर्ण प्रयास करता दिखाई दे रहा था। इसके साथ ही उनके द्वारा लगातार ही कुछ नारे लगाए जा रहे थे। धुआं जहरीला हो सकता था। यह सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है, खासकर 13 दिसंबर को, जिस दिन 2001 में संसद पर हमला हुआ था।

इस घटना के बाद लोकसभा को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सदस्यों ने सुरक्षा उल्लंघन का मामला उठाया और उचित जांच की मांग की। उन्होंने उस सांसद के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की, जिसके कहने पर घुसपैठिये को पास जारी किया गया था। यह पता चला है कि उन्हें पास भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने जारी किया था।

तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, ”ये लोग स्पष्ट रूप से सत्ताधारी पार्टी के एक मौजूदा सांसद द्वारा प्रायोजित थे। ये लोग स्मोक पिस्टल की तस्करी करते थे जिससे पता चलता है कि गंभीर सुरक्षा चूक हुई है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ”यह घटना हमारे देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। यह दिखाता है कि हमारे सुरक्षा बलों में कमजोरियां हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि दोनों घुसपैठियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने इस घटना की निंदा की और कहा कि इस मामले की उचित जांच की जाएगी।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले में सदन में बयान देना चाहिए।

संसद सुरक्षा उल्लंघन के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस घटना से देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। संसद की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक होना एक गंभीर मामला है। इस घटना के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

MAHADEV BOOK: ईडी की बड़ी कार्रवाई, महादेव सट्टा बुक का प्रमोटर रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार; भारत लाने की तैयारी

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप (Mahadev Satta Online Book Batting App) मामले में अपनी जांच में एक बड़ी सफलता हासिल की, क्योंकि दुबई पुलिस ने मंगलवार को दो प्रमुख आरोपियों में से एक और ऐप के सह-प्रमोटरों में से एक रवि उप्पल को गिरफ्तार कर लिया। 

सूत्रों ने कहा कि गिरफ्तारी ईडी के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस पर आधारित थी। उप्पल को जल्द ही भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा। महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में मैच फिक्सिंग, अवैध हवाला और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के साथ-साथ 15,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं।

ईडी ने मामले में आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, विकास छापरिया, चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, सृजन एसोसिएट्स थ्रू पुनाराम वर्मा, शिव समेत 14 आरोपियों को नामित किया गया था। कुमार वर्मा, पुनाराम वर्मा शिव कुमार वर्मा, यशोदा वर्मा और पवन नाथानी।

ईडी ने कहा कि महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप एक सिंडिकेट है जो अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों को नए उपयोगकर्ताओं को नामांकित करने, उपयोगकर्ता आईडी बनाने और बेनामी बैंक खातों के एक जटिल नेटवर्क के माध्यम से धन शोधन करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। 

ईडी ने इस साल सितंबर के मध्य में महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप से जुड़े ऑनलाइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच का विवरण उजागर किया था।

एजेंसी ने कहा था कि वेडिंग प्लानर, डांसर, डेकोरेटर आदि को मुंबई से काम पर रखा गया था और नकद भुगतान करने के लिए कथित तौर पर हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया था। 

एजेंसी ने कहा था कि चंद्राकर और रवि उप्पल, जो छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं, महादेव सट्टेबाजी मंच के मुख्य प्रवर्तक हैं और दुबई से संचालित होते हैं। उन्होंने उस देश में अपने लिए एक साम्राज्य बनाया था।

एजेंसी ने रायपुर, भोपाल, मुंबई और कोलकाता में 39 स्थानों पर भी तलाशी ली थी और 417 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की थी। ईडी ने विदेश में भी जांच को आगे बढ़ाया है. रायपुर में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक विशेष अदालत ने संदिग्धों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया है।

ईडी, जो महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है, ने छत्तीसगढ़ में भी तलाशी ली थी और सट्टेबाजी सिंडिकेट के मुख्य संपर्ककर्ता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन पर एजेंसी ने आरोप लगाया था कि वह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की व्यवस्था कर रहे थे। ‘संरक्षण धन’ के रूप में।

ईडी ने कहा था कि उसने ऐप के मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन में शामिल अन्य प्रमुख खिलाड़ियों की सफलतापूर्वक पहचान कर ली है। ईडी महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग एपीपी सिंडिकेट की जांच कर रही है, जिसमें इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर कथित तौर पर विदेश में बैठे हैं और अपने दोस्तों और सहयोगियों की मदद से भारत भर में हजारों पैनल चला रहे हैं।

सिवनी: लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, सीड इंस्पेक्टर तृष्णा चौहान 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

सिवनी। बीज के प्रमाणीकरण टैग जारी करने एवं उक्त टैंगो पर अपने हस्ताक्षर करने के एवज में 30000 रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिसे आज मंगलवार को 20 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों लोकायुक्त टीम जबलपुर के द्वारा कार्यालय में पकड़ा।

इस मामले में शिवनाथ पिता रामकरण चंद्रवंशी उम्र 38 वर्ष पता ग्राम पिंडरई जिला सिवनी ने लोकायुक्त को शिक्षित की। जिसके आधार पर मंगलवार को आरोपियो का कार्यालयीन कक्ष मध्यप्रदेश सीड निगम कार्यालय सिवनी में आरोपित श्रीमती तृष्णा चौहान सीड इंस्पेक्टर बीज निगम सिवनी को ट्रैप राशि – 20,000 रुपये लेते पकड़ा।

आवेदक तान्या बीज उत्पादक सहकारी समिति में अध्यक्ष के पद पर है। आरोपिया द्वारा बीज के प्रमाणीकरण टैग जारी करने एवं उक्त टैंगो पर अपने हस्ताक्षर करने के एवज में 30000 रिश्वत की मांग की जा रही थी।

जिसे आज ₹20000 लेते हुए रंगे हाथों लोकायुक्त टीम जबलपुर के द्वारा कार्यालय में पकड़ा। इस कार्यवाही में ट्रैप दल सदस्यों में निरीक्षक मंजू तिर्की, निरीक्षक स्वप्निल दास एवं 5 सदस्यीय दल लोकायुक्त जबलपुर शामिल थे।

बॉलीवुड में उभरते सितारे : 2023 में बड़े परदे पर डेब्यू करने वाले इन अभिनेता और अभिनेत्रियों ने…

वर्ष 2023 में कई होनहार अभिनेताओं और अभिनेत्रियों ने बॉलीवुड में पदार्पण किया है, जिनमें से प्रत्येक सिल्वर स्क्रीन पर अपनी अनूठी प्रतिभा लेकर आए हैं।

मनोरंजक प्रदर्शन से लेकर साहसी स्टंट तक, इन नवागंतुकों ने उद्योग में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। आइए उन डेब्यू के बारे में जानें जिन्होंने दर्शकों का ध्यान खींचा है।

“किसी का भाई किसी की जान” में शेहनाज गिल

उद्योग में एक उल्लेखनीय प्रवेश करते हुए, शहनाज़ गिल ने सलमान खान की सलाह के तहत एक परियोजना, फिल्म “किसी का भाई किसी की जान” से अपनी शुरुआत की। गिल की करिश्माई उपस्थिति और प्रदर्शन ने फिल्म में आकर्षण की एक अतिरिक्त परत जोड़ दी, जिससे देखने के लिए एक नए चेहरे के रूप में उनकी क्षमता प्रदर्शित हुई।

“फैरे” में अलिज़ेह अग्निहोत्री

अलिजे अग्निहोत्री “फैरे” में अपनी पहली भूमिका के साथ सुर्खियों में आईं। हाई स्कूल की टॉपर नियति का किरदार निभाते हुए, जो खुद को एक जाल में फंसा हुआ पाती है, अग्निहोत्री ने एक ठोस प्रदर्शन किया है जो शुरू से ही उनकी अभिनय क्षमता और जटिल भूमिकाओं को संभालने की क्षमता को प्रदर्शित करता है।

तुषार खन्ना “स्टारफिश” में

तुषार खन्ना ने न केवल “स्टारफिश” से बॉलीवुड में प्रवेश किया, बल्कि फिल्म के लिए स्कूबा डाइविंग सीखकर खुद को इस भूमिका के लिए समर्पित कर दिया। प्रभावशाली ढंग से, खन्ना ने अपने पहले प्रदर्शन में प्रामाणिकता जोड़ते हुए, अपने सभी स्टंट किए। शिल्प के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट है, जो उन्हें उनके अभिनय और शारीरिक कौशल दोनों को देखने के लिए एक नवोदित कलाकार बनाती है।

“डोनो” में राजवीर देओल

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सनी देओल के बेटे के रूप में सिनेमाई दुनिया में कदम रखते हुए, राजवीर देओल ने राजश्री प्रोडक्शंस की “डोनो” से अपनी शुरुआत की। 5 अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म में पूनम ढिल्लों की बेटी पलोमा भी हैं। नवोदित अभिनेता ने एक पारिवारिक नाटक में अपने अभिनय कौशल का प्रदर्शन किया, जो कि देओल परिवार में प्रतिभा की विरासत को जारी रखने का वादा करता है।

“UT69” में राज कुंद्रा

उद्यमी राज कुंद्रा ने “यूटी69” से बॉलीवुड में अप्रत्याशित शुरुआत की, जहां उन्होंने अपनी बायोपिक में मुख्य भूमिका निभाई। अभिनय में उनका प्रवेश एक अद्वितीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है, और दर्शकों को घटित घटनाओं में उनका पक्ष देखना पसंद आया।

“डोनो” में पलोमा ढिल्लों

“डोनो” में राजवीर देओल के साथ स्क्रीन साझा करते हुए, प्रशंसित अभिनेत्री पूनम ढिल्लों की बेटी पालोमा ढिल्लों भी अपनी शुरुआत कर रही हैं। राजश्री प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित फिल्म, पलोमा को बॉलीवुड में एक नए चेहरे के रूप में पेश करती है, जो उद्योग में संभावित उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है।

2023 के ये नवोदित कलाकार बॉलीवुड में विविध प्रकार की प्रतिभाएं और पृष्ठभूमि लेकर आए हैं, जो नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के ताज़ा प्रवाह का वादा करते हैं। जैसे ही वे सिनेमा की दुनिया में अपना पहला कदम रखते हैं, दर्शक उत्सुकता से भारतीय सिनेमा के निरंतर विकसित होते परिदृश्य में उनके विकास और योगदान को देखने का इंतजार करते हैं।।