भोपाल, 8 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बेहद बदलता हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर तीन चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हैं, जिसके कारण कई जिलों में मौसम अचानक खराब हो गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर और मध्य भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मंगलवार से ही मौसम का रुख बदल गया है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है।
18 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग भोपाल ने बुधवार के लिए ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओले गिरने की संभावना है।
इसके साथ ही अगले 24 घंटों के लिए 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- ग्वालियर
- भिंड
- मुरैना
- पन्ना
- सतना
- रीवा
- मऊगंज
- सीधी
- सिंगरौली
- मैहर
- कटनी
- उमरिया
- शहडोल
- अनूपपुर
मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों में अचानक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
कई जिलों में बदला मौसम, कहीं तेज बारिश तो कहीं धूलभरी आंधी
मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। भिंड, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, सतना, चित्रकूट और रीवा जैसे जिलों में मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया।
कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलीं, जबकि कई जगहों पर भारी बारिश हुई।
- शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश दर्ज की गई।
- वहीं रतलाम में धूलभरी आंधी ने लोगों को परेशान कर दिया।
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव वायुमंडल में बन रही अस्थिरता और सक्रिय मौसम प्रणालियों की वजह से हो रहा है।
11 अप्रैल से सक्रिय होगा नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 11 अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने वाला है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है।
इस सिस्टम के सक्रिय होने से:
- बादल बढ़ सकते हैं
- कई जिलों में बारिश की संभावना बनेगी
- तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वजह से अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी मौसम अस्थिर बना रह सकता है।
60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं तेज हवाएं
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की है।
- कुछ जिलों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
- अन्य क्षेत्रों में हवाएं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
विशेष रूप से दोपहर बाद मौसम के अचानक बदलने की संभावना अधिक बताई जा रही है।
गर्मी भी दिखा रही तेवर, कई शहरों में पारा 45°C के करीब
एक तरफ जहां बारिश और आंधी का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में अप्रैल के महीने में प्रदेश के कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ तापमान दर्ज किया गया है।
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार:
- भोपाल और इंदौर में तापमान 43°C तक पहुंच चुका है
- जबलपुर में 44°C तक रिकॉर्ड हुआ
- ग्वालियर में पारा 45°C के पार चला गया
इस साल भी तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
इंदौर और भोपाल में पहले भी टूट चुके हैं तापमान के रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में अप्रैल के दौरान तापमान 44°C से ऊपर जा चुका है। यहां 25 अप्रैल 1958 को 44.6°C का उच्चतम तापमान दर्ज किया गया था।
वहीं भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को 44.4°C का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था। अप्रैल का महीना अक्सर गर्मी के साथ-साथ अचानक बारिश और आंधी के लिए भी जाना जाता है।
अप्रैल में क्यों बदलता रहता है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल का महीना गर्मी और प्री-मानसून गतिविधियों का संक्रमण काल होता है। इस दौरान:
- गर्म हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ता है
- वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ती है
- बादल बनने और अचानक बारिश होने की संभावना रहती है
इसी कारण अप्रैल में कई बार गर्मी के बीच अचानक बारिश और आंधी देखने को मिलती है।
लोगों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि:
- तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है
- दोपहर के समय तेज गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं
आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम गर्मी, आंधी और बारिश के मिश्रण के रूप में देखने को मिल सकता है।

