सिवनी। जिले में गौ-वंश तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी और साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने 1 फरवरी 2026 की रात नागपुर के कत्लखाने ले जाए जा रहे 39 गौवंश को मुक्त कराते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। एक अन्य आरोपी की तलाश अब भी जारी है। इस पूरी कार्रवाई ने जिले में गौ-वंश तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
1 फरवरी की रात: मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर जिले में गौवंश तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में टीम सक्रिय थी।
दिनांक 01/02/2026 की रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बंडोल की ओर से एक 12 चक्का ट्रक में गौवंश को क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरकर नागपुर स्थित कत्लखाने ले जाया जा रहा है।
सिमरिया पुलिया से शुरू हुआ फिल्मी पीछा
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने ग्राम सिमरिया पुलिया के पास नाकाबंदी की। जैसे ही संदिग्ध कंटेनर (क्रमांक MP09HG3058) दिखाई दिया, पुलिस ने उसका पीछा शुरू किया। पुलिस को देखकर ट्रक चालक और उसके साथी घबरा गए।
आरोपियों ने एक गौवंश को रास्ते में छोड़कर ट्रक को तेज रफ्तार में नरेला से पुसेरा होते हुए अमरवाड़ा रोड की ओर भगा दिया।
निकटवर्ती थाना लखनवाड़ा और चौरई पुलिस की मदद से ट्रक का पीछा जारी रखा गया और आखिरकार छिंदवाड़ा रोड, ग्राम समसवाड़ा (थाना चौरई) के पास आरोपी ट्रक खड़ा कर अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग निकले।
ट्रक से बरामद हुए 39 गौवंश, क्रूरता की हद पार
जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। कुल 38 गौवंश ट्रक के डाले में गर्दन, मुंह और पैरों को रस्सियों से बेरहमी से बांधकर ठूंसे हुए मिले। इसके अलावा एक गौवंश को रास्ते में छोड़ा गया था, जिससे कुल संख्या 39 हो गई।
पुलिस ने मौके पर विधिवत कार्रवाई करते हुए सभी गौवंश को मुक्त कराया और ट्रक को जब्त कर लिया।
फरार आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
प्रकरण की विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज की। 21 फरवरी 2026 को दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
- मो. साजिद खान (40 वर्ष), निवासी संजय वार्ड, सिवनी
- महेन्द्र बारापात्रे (34 वर्ष), निवासी विनोबा भावे नगर, नागपुर (महाराष्ट्र)
तीसरे आरोपी समद खान की तलाश अभी भी जारी है।
जब्त संपत्ति
- 🚛 कंटेनर क्रमांक MP09HG3058 (कीमत लगभग ₹10,00,000)
- 🐄 39 गौवंश (कीमत लगभग ₹4,60,000)
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी के साथ सउनि जयदीप सेंगर, प्र.आर. मुकेश गोडाने, मनोज पाल, आरक्षक सिद्धार्थ दुबे, प्रदीप चौधरी, सुधीर डहेरिया, मुकेश चौरिया, सौरभ ठाकुर, विसराम धुर्वे, इरफान, सतीश इनवाती और प्रतीक बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गौ-वंश तस्करी पर सख्त संदेश
जिला पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि गौवंश तस्करी और अवैध परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लगातार कार्रवाई से तस्करों के नेटवर्क पर शिकंजा कसता जा रहा है।
सिवनी पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल 39 गौवंश की जान बची, बल्कि तस्करी के अवैध कारोबार में शामिल लोगों को कड़ा संदेश भी गया है।

