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मध्य प्रदेश : भारत में पहली बार कोरोना संक्रमित बॉडी का पोस्टमार्टम BHOPAL के AIIMS में हुआ, अब कोरोना वायरस का शरीर पर असर जानेंगे

भोपाल: देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है. हर रोज 60 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आ रहे हैं. हजार मरीज जान भी गंवा रहे हैं. वायरस का इतना व्यापक असर होने के बावजूद अब तक कोरोना को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं है. ऐसे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स भोपाल में कोविड-19 वायरस का शरीर में होने वाले  इन्फेक्शन को जानने के लिए रिसर्च शुरू हुई है. इस दौरान कोविड-19 संक्रमित शव का पोस्टमार्टम  कर वायरस के प्रभाव को जानने की कोशिश की जाएगी. इसका पहला चरण रविवार को शुरू हुआ. देश में यह पहला मौका है जब शोध के लिए कोविड19 संक्रमित शव का पोस्टमार्टम किया गया हो.

क्यों पड़ी जरूरत?
देश में अब भी विदेशों में हुए कोरोना के असर या रिसर्च के आधार पर ही उपचार किया जा रहा है. विदेशों में हुए शोध से यह माना जाता है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से मरीज के दिल, दिमाग और फेफड़ों में रक्त का थक्का बन सकता है. लेकिन भारत में वायरस का यह असर होता है या नहीं, यह अब तक पता नहीं चल पाया. ऐसे में एम्स भोपाल का शोध अहम माना जा रहा है.

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शोध करने से क्या होगा?
एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमित होने के बाद मरीज के शरीर के दिल, दिमाग, फेफड़ों सहित दूसरे अंगों पर वायरस कितना असर करता है? शरीर के किन अंगों पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है? इसका पता लगाने के लिए डेढ़ घंटे तक चार विभागों के संयुक्त नेतृत्व में यह पोस्टमॉर्टम किया गया. डॉक्टरों के मुताबिक शोध के नतीजों के लिए कम से कम दस कोरोना मरीजों के पोस्टमॉर्टम किए जाएंगे.

ICMR की मंजूरी के बाद हुआ फैसला
इस शोध में संक्रमण के अत्यधिक खतरे को देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से इसकी मंजूरी ली गई. पहले एम्स की एथिकल कमेटी को बताया गया कि संक्रमण से बचने के लिए प्रत्येक मानकों का पालन किया जाएगा. कमेटी के मानने के बाद आईसीएमआर से इसकी अनुमति मांगी गई. अनुमति मिलने के बाद रविवार को पहले शव पर फॉरेंसिक डिपार्टमेंट के साथ माइक्रोबाइलॉजी, क्रिटिकल केयर, पैथोलॉजी के विशेषज्ञों ने शोध की शुरुआत की.

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विदेश में हुई रिसर्च में ऐसी थी रिपोर्ट
कोरोना संक्रमित शव की विदेशों में हुई रिसर्च में ये सामने आया है कि संक्रमित मरीजों के दिल, दिमाग और फेफड़ों में खून का थक्का बन जाता है. भारत में कोरोना मरीजों के शरीर पर इस वायरस का क्या असर हो रहा है ये अभी तक पता नहीं चल पाया है इसीलिए ये रिसर्च की जा रही है.

इससे क्या होगा?
– कोरोना वायरस शरीर के किन अंगों को ज्यादा नुकसान पंहुचाता है?
– मृत शरीर से दूसरों को संक्रमण की कितनी संभावना है?
– मौत के बाद वायरस की शरीर में मौजूदगी होती है या नहीं.
– 10 शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद फाइनल रिसर्च रिपार्ट तैयार होगी.

यह भी पढ़े :  को ‘रोना’ काल- MP के कलाकारों ने दी कोरोना के दर्द को जीवंत शक्ल
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