Thursday, May 19, 2022

जानिए कैसे मामले से बचकर चोरी-छिपे राजधानी लौटे थे रेल एडीजी :भोपाल गैंगरेप

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Shubham Sharma
Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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गैंगरेप मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर कई अफसरों को निलंबित किया गया था

भोपाल में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से गैंगरेप के मामले में विशेष अदालत ने घटना के 52 दिनों के भीतर फैसला सुनाते हुए चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. विशेष अपर सत्र न्यायाधीश सविता दुबे ने फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को दोषी माना. फैसले में सभी दोषियों को उनकी प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ उन पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है. इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से मंगलवार को अंतिम बहस पेश की गई थी. विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात फैसला सुरक्षित रख लिया था. पूरे देश में चर्चित रहे इस मामले में रेल एडीजी जी पी सिंह से लेकर रेल एसपी अनीता मालवीय और भोपाल पुलिस के एडिशनल SP हितेश चौधरी एडिशनल SP धर्मवीर सिंह और सीएसपी भूपेंद्र सिंह की लापरवाही सामने आई थी . इसके बावजूद पुलिस विभाग ने सिर्फ एक सीएसपी तीन टी आई और दो सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की. इस मामले में न्यूज 18/ईटीवी के खुलासे में पता चला था कि एडीजी रेल जी पी सिंह ने किस तरीके से गैंगरेप की घटना के बाद लापरवाही बरती और एक नवम्बर को शाम 07:00 बजे हुए FIR की जानकारी होने के बावजूद हबीबगंज जीआरपी के चेंबर में बैठे रहे. इसके बाद रात के 10:00 बजे हबीबगंज से रीवा जाने वाली रीवांचल एक्सप्रेस में बैठकर रीवा रवाना हो गए और 2 दिन बाद चोरी-छुपे भोपाल वापस लौटे.

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अगले दिन 2 नवंबर को भी जी पी सिंह भोपाल नहीं लौटे. उसके बाद वापस आते वक्त 3 नवंबर को जी पी सिंह हबीबगंज की जगह औबेदुल्लागंज रेलवे स्टेशन पर उतरे जबकि उनकी पत्नी हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर आकर रुकीं. औबेदुल्लागंज रेलवे स्टेशन से जी पी सिंह कार से राजधानी भोपाल आए.

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इसके बाद बबाल मचने पर 3 नवंबर को रेल IG डीपी गुप्ता, SP अनिता मालवीय हबीबगंज के GRP थाने पहुँचे. विभाग में दबे स्वर में यह बात कही जा रही है कि यदि 1 नवंबर को ही जीपी सिंह एक्शन में आ जाते तो GRP के अधिकारी कर्मचारी गैंगरेप की घटना की समय पर मॉनीटिरिंग करते और कार्रवाई होती.

बता दें कि, गैंगरेप की घटना 31 अक्टूबर को हुई थी. FIR 1 नवंबर को देर शाम 7:00 बजे हबीबगंज जीआरपी थाने में हुई. पीड़ित और उसके परिजन 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम तक थाना विवाद में उलझे रहे.

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तीन थाना प्रभारी और दो SI सस्पेंड, सीएसपी को हटाया था
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर मामले की जांच में लापरवाही बरतने पर तीन थाना प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया गया था. वही एक सीएसपी को भी मुख्यालय अटैच करने के आदेश जारी हुए थे.
-सीएसपी एमपी नगर कुलवंत सिंह को पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया.
-एमपी नगर थाना TI संजय सिंह बैस सस्पेंड
-हबीबगंज थाना TI रविन्द्र यादव सस्पेंड
-हबीबगंज GRP थाना TI मोहित सक्सेना सस्पेंड
-एमपी नगर थाने के सब इंस्पेक्टर टेकराम को कल किया था सस्पेंड
-हबीबगंज GRP थाने के सब इंस्पेक्टर उइके सस्पेंड

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इन अफसरों पर हुई थी मेहरबानी
-ASP हितेष चौधरी- एमपी नगर थाने के संभाग की जिम्मेदारी, इसी थाने से शुरू हुई थी लापरवाही
-रेल SP अनिता मालवीय- आरोपियों की गिरफ्तारी की संख्या गलत बताई, घटना का जिक्र करते हुए ठहाके लगाकर हंसती रहीं
-ASP धर्मवीर यादव- घटना स्थल पर पहुचने वाले हबीबगंज पुलिस थाने के TI को सस्पेंड किया गया, घटना स्थल पर ASP धर्मवीर सिंह मौजूद थे, इनके कहने पर FIR GRP थाने में कराई गई
-CSP भूपेंद्र सिंह- घटना स्थल पर पहुचने वाले हबीबगंज पुलिस थाने के TI को सस्पेंड किया गया, घटना स्थल पर ASP धर्मवीर सिंह मौजूद थे, इनके कहने पर FIR GRP थाने में कराई गई

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