सिवनी (धारना कलां): देशभर में स्वच्छ भारत अभियान को लेकर सरकार स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। सिवनी जिले के धारना कलां ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आ रही है, जहां लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
सड़क बनी कीचड़ का तालाब, ग्रामीण परेशान
गांव की बस्ती की ओर जाने वाली मुख्य सड़क आज कीचड़ और गंदे पानी से लबालब भरी हुई है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी और बारिश का जमा पानी मिलकर रास्ते को दलदल बना देता है।
ग्रामीणों का कहना है कि:
- रोजाना इसी रास्ते से गुजरना मजबूरी है
- बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है
- कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं
स्थिति यह है कि स्वच्छता अभियान के दावों के बीच गांव में गंदगी का साम्राज्य कायम है।
मंदिर के पास गंदगी, पानी की टंकी भी बेकार
चौंकाने वाली बात यह है कि जहां यह गंदा पानी भरा रहता है, वहीं पास में आस्था का मंदिर भी स्थित है। इसके अलावा लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी भी इसी क्षेत्र में मौजूद है, लेकिन आसपास की सफाई पूरी तरह नजरअंदाज की जा रही है।
यह दृश्य साफ तौर पर दर्शाता है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
4 लाख की नाली स्वीकृत, लेकिन निर्माण ठप
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल नाली निर्माण को लेकर उठ रहा है। जानकारी के अनुसार:
- करीब 4 लाख रुपये की राशि नाली निर्माण के लिए स्वीकृत हो चुकी है
- स्वीकृति मिले 3 महीने से अधिक समय बीत चुका है
- इसके बावजूद आज तक नाली निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और विकास कार्य केवल कागजों में ही पूरे दिखाए जा रहे हैं।
अधिकारी का बयान — “पंचायत जिम्मेदार”
जब इस मामले में संबंधित उपयंत्री से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
- नाली निर्माण का वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है
- कार्य कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंचायत काम नहीं करवा रही है, तो इसमें विभाग की कोई सीधी भूमिका नहीं है।
स्वच्छता अभियान सिर्फ दिखावा?
धारना कलां की यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- क्या स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है?
- क्या विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी है?
- क्या ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है?
👉 अब जरूरत है कि प्रशासन इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और स्वच्छता अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।

