विश्व परिवार दिवस: फैमिली की अहमियत को दर्शाता है ये दिन, ऐसे हुई थी शुरुआत

नई दिल्ली: लगभग हम सभी अपने परिवार में रहते हैं। हालांकि, कुछ लोग बेशक अपने परिवार से दूर जरूर रहते हैं, लेकिन परिवार लगभग सभी के होते हैं। बल्कि घर से दूर रहने वाले लोग परिवार की अहमियत को ज्यादा अच्छे से समझते हैं। वहीं हर साल 15 मई के दिन विश्व परिवार दिवस ( International Family Day ) मनाया जाता है। परिवार में रहकर हर कोई अच्छे-बुरे की समझ सीखता है। इसी मौके पर आज हम आपको विश्व परिवार दिवस के बारे में कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1993 में संकल्प ए/आरईएस/47/237 के साथ इस दिवस की घोषणा की गई थी। इसके बाद से ये हर साल 15 मई को मनाया जाता है। सबसे पहले विश्व परिवार दिवस संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ( America ) के द्व्रारा मनाना शुरु किया गया था।

15 मई 1994 के दिन पहली बार विश्व परिवार दिवस मनाया गया था। ये दिन लोगों के बीच एक संयुक्त परिवार की अहमियत को दर्शाता है। साथ ही आज के दिन ये अहसास होता है कि संयुक्त परिवार कितना जरूरी होता है। विश्व परिवार दिवस का प्रतीक चिन्ह एक हरे रंग का एक गोल घेरा होता है। इसके अंदर एक घर और एक दिल बना हुआ होता है।

ये चिन्ह दर्शाता है कि समाज का केंद्र परिवार होता है और परिवार के बिना समाज चल नहीं सकता। वहीं बात अगर भारत की करें तो यहां हर साल विश्व परिवार दिवस विभिन्न परिवारों के मुद्दों पर जागरूरकता बढ़ाने और परिवारों के महत्व को स्वीकार करने के लिए मनाया जाता है।

यहां लोग चाहे वो परिवार के हो या किसी संगठन के ये सभी अलग-अलल कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। वहीं भारत में कई कंपनियां अपने कर्मचारियों के परिवारों को कंपनी के कामकाज के साथ-साथ बाकी कर्मचारियों से मिलाने के रुप में इस दिवस को मनाती है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *