अहमदाबाद। देश के जरूरतमंदों और गरीब परिवार के लिए 5 लाख तक निशुल्क इलाज के लिए देश में संचालित प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) में गुजरात को बड़ी उपलधब्धि हासिल हुई है।
गुजरात ने अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक कुल 49.7 लाख आयुष्मान कार्ड राज्य के नागरिकों को देकर देश भर में उल्लेखनीय काम किया है। इस श्रेष्ठ काम के लिए नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी, नई दिल्ली ने गुजरात को आयुष्मान उत्कृष्टता पुरस्कार 2022 से नवाजा है।
गुजरात में 15 फरवरी, 2023 तक पीएमजेएवाई-मा योजना में 1.73 करोड़ लोगों को कार्ड रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसके अलावा 49 लाख से अधिक दावों को दर्ज कर उसे मंजूरी दी गई है। इसके तहत कुल 9,055 करोड़ रुपये का इलाज लोगों का मुफ्त किया गया है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल के निर्देश और मार्गदर्शन में राज्य में आयुष्मान कार्ड योजना संचालित की जा रही है। राज्य के सभी जरूरतमंदों से लेकर गरीब परिवार का कार्ड बनवाने के लिए सरकार आंगनबाड़ी वर्कस, पंचायती राज संस्थाओं के कार्यकर्ताओं के जरिए 24 घंटे के काम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
सरकार की ओर से आप के द्वार आयुष्मान महाअभियान चलाया जा रहा है, जिससे लोगों को यह सरकारी लाभ मिशन मोड पर प्रदान किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड के लिए आवक प्रमाण पत्र से लेकर हर जरूरी कागजात भी बनवाने में सरकार की सभी इकाइयां सहयोगी बनी हैं।
इसके अलावा आयुष्मान कार्ड रिन्यू करने से लेकर गांवों में आयुष्मान कार्ड के लिए शिविर आयोजित किए गए हैं। राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना मा और मा वात्सल्य के बीआईएस सॉफ्टवेयर में अधिकांश योग्य लाभार्थियों के नए आयुष्मान कार्ड का पंजीकरण कराया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य के 2.89 करोड़ लाभार्थियों का पीएमजेएवाई-मा योजना के तहत शामिल करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें अभी तक 1.73 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए जा चुके हैं।
इस योजना के तहत राज्य की चयनित 2792 अस्पतालों में से 2004 सरकारी और 725 निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के तहत सामान्य से लेकर आर्गन ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों समेत कुल 2711 प्रकार के इलाज/ऑपरेशन में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।


