प्रवेश द्वार का शिलान्यास न होने की वजह-वारासिवनी में विवाद

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राज्यसभा सांसद ने किया स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रतिमा का अनावरण

बालाघाट : वारासिवनी में विवाद और आपत्ति के चलते स्वत्रंतता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बनाये जाने वाले प्रवेश द्वार का शिलान्यास आखिरकार नही हो पाया। यहां राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के द्वारा शिलान्यास किया जाना था। हालाकि कस्तुरचंद जी वर्मा एवं अमर शहीद दशाराम फुलमारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यहां बतादे कि वारासिवनी में 92 स्वतंत्रता संग्राम थे और महज 3 सेनानियों के नाम पर प्रवेश द्वार का शिलान्यास किया जाना था। यही कारण है कि सभी सेनानियों के सम्मान की मांग को लेकर गांधी चैक पर स्वतत्रता संग्राम सेनानी उत्ताधिकारी संगठन के अध्यक्ष आनंद ताम्रकार के द्वारा भूख हड़ताल की जा रही है।

पुरे मध्यप्रदेश में सबसे अधिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बालाघाट के वारासिवनी में थे यहां 92 स्वतंत्रता सेनानी रहे है जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अपना अहम योगदान दिया था। दरअसल वारासिवनी नपा के द्वारा 3 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर प्रवेश द्वार का शिलान्यास कराया जा रहा था। यही कारण है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उतराधिकार समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने आपत्ति उठाकर अध्यक्ष के द्वारा भूख हड़ताल शुरूकर दी गई है। जिनका आरोप है कि सभी 92 सेनानियों का सम्मान पुर्वक प्रवेश द्वार में नाम हो और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर एक ही प्रवेश द्वार बनाया जाये ताकि किसी भी सेनानी के साथ भेदभाव न हो पाये और उनका कहना है कि जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी आकर उन्हें पुख्ता आश्वासन नदी देता तब तक उनकी  हड़ताल जारी रहेगी।

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इनका कहना है : –

हमारी मंाग है कि 3 प्रवेश द्वार न बनाकर एक प्रवेश द्वार बनाया जाये और उसमें सभी 92 स्वतंत्रता सेनानियों के नाम रखे जाये। इसके लिए हमने आपत्ति दर्ज कराई है। जब तक आश्वासन नही मिलता भूख हड़ताल जारी रहेगी।

आनंद ताम्रकार अध्यक्ष स्वतंत्रता सेनानी संगठन। 

प्रवेश द्वार में सभी के नाम होने चाहिए वे हमारे आदर्श रहे है उनका काफी योगदान रहा है जब भी प्रवेश द्वार बने सभी का नाम उसमें होना चाहिए।

गौरव पारधी समाज सेवी वारासिवनी।

 

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