khabar-satta-app
Home देश बेहद अहम होगी आज की India-China सैन्य वार्ता, तय होगा सेनाएं डटी रहेंगी या वापस बुलाई जाएंगी

बेहद अहम होगी आज की India-China सैन्य वार्ता, तय होगा सेनाएं डटी रहेंगी या वापस बुलाई जाएंगी

 नई दिल्ली। समूचे लद्दाख सेक्टर में तापमान शून्य से नीचे जा चुका है। पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के इलाके में हल्की बर्फीली हवायें चलनी शुरु हो गई हैं जो इस महीने के अंत से और तेज हो जाएंगी। ऐसे में एलएसी पर तैनात भारत व चीन की सेनाएं वापस होंगी या वहीं डटी रहेंगी, इसका बहुत कुछ तक फैसला इस हफ्ते होने वाली कोर्प कमांडर स्तरीय वार्ता में हो सकता है।

भारत-चीन के बीच कार्प कमांडर स्तर की आठवें दौर की होगी बातचीत 

दोनों देशों के बीच कार्प कमांडर स्तर की यह आठवें दौर की बातचीत होगी और इसमें मुख्य तौर पर यही बात होगी कि दोनों तरफ की सेनाएं एक साथ मई, 2020 से पहले वाली स्थिति में जाने की शुरुआत करें।

छठे व सातवें दौर की वार्ता की प्रगति की होगी समीक्षा

- Advertisement -

जानकार मान रहे हैं कि छठे व सातवें दौर की बातचीत में जिन प्रस्तावों पर बातचीत हुई थी उसकी प्रगति की समीक्षा इसमें होगी। सूत्रों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो सैन्य स्तर की अगली वार्ता सोमवार (19 अक्टूबर) को हो सकती है।

संयुक्त बयान जारी करने का फैसला एक सकारात्मक बदलाव

अगस्त, 2020 में जब से भारतीय सैन्य बलों ने चुशूल क्षेत्र के रणनीतिक हिसाब से कुछ महत्वपूर्ण उंचाइयों पर कब्जा किया है उसके बाद बैठकों में चीन का रुख बदला हुआ है। यह भी उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इसके बाद दो बार कार्प कमांडर स्तर की वार्ता में दोनों पक्षों की तरफ से संयुक्त बयान जारी करने का फैसला किया गया। भारतीय पक्षकार इसे एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देख रहे हैं। 12 अक्टूबर को चुशूल बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में बातचीत को सकारात्मक व एक दूसरे की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने वाला करार दिया गया था।

चाइना स्टडी ग्रूप की बैठक में सैनिकों की वापसी को लेकर चर्चा हुई

- Advertisement -

चुशूल वार्ता के प्रमुख बिंदुओं पर सरकार की तरफ से गठित उच्च स्तरीय चाइना स्टडी ग्रूप की बैठक भी हो चुकी है। माना जा रहा है कि इसमें चीन की तरफ से सैनिकों की वापसी को लेकर जो ताजा प्रस्ताव दिया गया था उस पर विस्तार से चर्चा हुई है।

एलएसी पर हालात मई, 2020 से पहले वाली स्थिति में बहाल होनी चाहिए:

वैसे भारत अभी तक अपने इस रुख पर कायम है कि एलएसी पर हालात पूरी तरह से मई, 2020 से पहले वाली स्थिति में बहाल होनी चाहिए और इसके लिए दोनो तरफ से सैन्य वापसी एक साथ होनी चाहिए। अगर चीन चाहता है कि भारत रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण इलाकों से सेना वापस करे तो भारत का सीधा सा तर्क है कि चीन को भी पैंगोग झील के आस पास के इलाके से अपनी सेना को तनाव शुरु होने से पहले वाली स्थिति में ले जाना होगा। सैन्य वापसी के मुद्दे पर कुछ बात आगे बढ़ने के बावजूद भारतीय सेना की तरफ से जमीनी स्तर पर निगरानी पहले से भी चौकस कर दी गई है।

सर्दियों के बावजूद भारतीय सेना के लिए रसद पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं होगी

- Advertisement -

सूत्रों के मुताबिक सर्दियों के बावजूद भारतीय सेना के लिए रसद या अन्य जरूरी सामान पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं होने वाली है। भारतीय सेना के पास इससे भी दुर्गम परिस्थितियों में डटे रहने वाले सैनिकों तक रसद पहुंचाने का अनुभव है।

- Advertisement -

Discount Code : ks10

NEWS, JOBS, OFFERS यहां सर्च करें

Khabar Satta Deskhttps://khabarsatta.com
खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता

सोशल प्लेटफॉर्म्स में हमसे जुड़े

11,007FansLike
7,044FollowersFollow
783FollowersFollow
4,050SubscribersSubscribe

More Articles Like This

- Advertisement -

Latest News

Seoni Bhukamp News: सिवनी में कल रात्रि 3.3 रिक्टर के भूकंप के झटके दर्ज, अगले 24 घंटे सावधान रहें

Seoni Bhukamp News: सिवनी में दिनांक 26 अक्टूबर 2020 की रात्रि में 3.3 रिक्टर के भूकंप झटके...

नितिन गडकरी बोले, NHAI में बोझ बने अफसरों से छुटकारा पाने का समय

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) में काम की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई है।...

Arnab Goswami मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कुछ लोगों को अधिक संरक्षण की है जरूरत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि कुछ व्यक्तियों को अधिक गंभीरता से निशाना बनाया जाता है और उन्हें अधिक संरक्षण की...

महबूबा मुफ्ती को परिवार के साथ पाकिस्तान चले जाना चाहिए: नितिन पटेल

अनुच्छेद 370 समाप्त करने को लेकर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के हालिया बयान पर नाराजगी जताते हुए गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने...

CDS जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अर्पित की श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने मंगलवार को इन्फैंट्री डे पर राष्ट्रीय युद्ध...