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पुलवामा आतंकी हमला- यूरोपीय संसद के 4 सदस्यों ने की पाकिस्तान पर बैन की मांग

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यूरोपीय संसद (MEPs) के सदस्यों ने पाकिस्तान के पुलवामा आतंकी हमलों में शामिल होने वाले बयान की निंदा की है। यूरोपीय संसद ने पाकिस्तान पर बैन लगाने की मांग की है। बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान के मंत्री ने अपनी नेशनल असेंबली में भारत में पुलवामा आतंकी हमलों में देश के शामिल होने के बारे में खुलासाकिया था। मंत्री ने पाकिस्तान असेंबली में का था कि पुलवामा हुए अटैक के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। पाक मंत्री के इस बयान पर यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को चार MEPs-थिएरी मैरियानी, जूली लिंचेक्स, वर्जिनि जोरन और फ्रांस जेमेट ने जोरदार शब्दों में पाकिस्तान पर तुरंत बैन लगाने और यूरोप में इसी तरह आतंकवाद के हमले में भागीदारी की जांच की मांग की है।

यूरोपीय संसद के सदस्यों ने कहा कि हम यूरोपीय आयोग और यूरोपीय विदेश कार्रवाई सेवाओं को पुलवामा हमले में अपनी भागीदारी के लिए इस्लामी गणतंत्र पाकिस्तान के नेतृत्व और सरकार की तुरंत निंदा करने के लिए कहते हैं। सदस्यों ने कहा कि हम यूरोपीय संघ से अनुरोध करते हैं कि वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रतिबंधों पर विचार करें। यूरोपीय संसद ने कहा कि पाकिस्तान के मंत्री खुलेआम से आतंकवाद में हाथ होने के सबूत दे रहे हैं ऐसे में आयोग के चुप नहीं रहना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए।

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बता दें कि 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर नृशंस आतंकी हमला किया गया था जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने पुलवामा आतंकवादी हमले में हाथ होने का दावा किया था लेकिन पाकिस्तान ने इसमें हाथ होने से इंकार किया था। 29 अक्तूबर 2020 को पाकिस्तान के संघीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान नेशनल असेंबली में खड़े होकर इमरान खान की सरकार के तहत पुलवामा आतंकी हमले को ‘सफलता’ के रूप में स्वीकार किया।

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Khabar Satta Deskhttps://khabarsatta.com
खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता
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