Wednesday, May 18, 2022

Holi 2022 Special: बचपन की होली Vs आज की होली, यहाँ याद आ जाएगा आपको अपना बचपन

Holi 2022 Special: Childhood Holi Vs Today's Holi, Here You Will Remember Your Childhood

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Shubham Sharma
Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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Holi 2022 Special: Childhood Holi Vs Today’s Holi, Here You Will Remember Your Childhood | बचपन की होली Vs आज की होली, यहाँ याद आ जाएगा आपको अपना बचपन

कोरोना काल में भी बाज़ार कलर्स और पिचकारी से सज चुके हैं दुकानों से मिठाईयों की महक खूब आ रही है. इस कोरोना काल में भी कुछ लोग होली सेलिब्रेशन (Holi Celebration 2022) के लिये अपने घर निकल चुके हैं, तो कुछ लोग अभी भी छुट्टी के मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं.

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खेर ये सब छोडकर मैं मुद्दे पर आते है सीधी बात है ये कि बचपन से लेकर अब तक होली सेलिब्रेशन (Holi Celebration) में बहुत बदलाव आया है और इस दौरान हम सब कहीं न कहीं अपने बचपन को मिस भी करते हैं.

Holi 2022 Special: बचपन की होली और अब में क्या फ़र्क आया है, देखिये:

Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
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Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi
Childhood Holi Vs Today's Holi

Holi 2022 Special: Childhood Holi Vs Today’s Holi, Here You Will Remember Your Childhood | बचपन की होली Vs आज की होली, यहाँ याद आ जाएगा आपको अपना बचपन

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कोरोना काल में भी बाज़ार कलर्स और पिचकारी से सज चुके हैं दुकानों से मिठाईयों की महक खूब आ रही है. इस कोरोना काल में भी कुछ लोग होली सेलिब्रेशन (Holi Celebration 2022) के लिये अपने घर निकल चुके हैं, तो कुछ लोग अभी भी छुट्टी के मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं.

यह भी पढ़े :  Gyanvapi Case: 'मस्जिद थी और रहेगी... बाबरी जैसा दूसरा नहीं खोएगा...': असदुद्दीन ओवैसी

खेर ये सब छोडकर मैं मुद्दे पर आते है सीधी बात है ये कि बचपन से लेकर अब तक होली सेलिब्रेशन (Holi Celebration) में बहुत बदलाव आया है और इस दौरान हम सब कहीं न कहीं अपने बचपन को मिस भी करते हैं.

Childhood Holi Vs Today’s Holil: बचपन की होली और अब में क्या फ़र्क आया है, देखिये:

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